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परभणी के प्रसिद्ध चित्रकार ‘काका’ की कलाकृतियों की वैश्विक प्रदर्शनी मुंबई के नेहरू सेंटर में: ग्रामीण कलाकार को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

परभणी / मुंबई: जब माटी से जुड़ाव और कला के माध्यम से जग जीतने का संकल्प हो, तो सफलता अवश्यंभावी हो जाती है। इसका जीवंत उदाहरण हैं परभणी के ग्रामीण अंचल से आने वाले चित्रकार सुशीलकुमार एन. घुंबरे उर्फ ‘काका’। उनकी एक्रेलिक कैनवास पेंटिंग्स की विश्वस्तरीय प्रदर्शनी मंगलवार, 11 अगस्त से मुंबई स्थित नेहरू सेंटर में प्रारंभ हो रही है।

​कला कनेक्ट द्वारा प्रस्तुत “फ्रीडम सीजन 3” (Freedom Season 3) अंतरराष्ट्रीय सामूहिक चित्र प्रदर्शनी एवं पुरस्कार समारोह का आयोजन 11 से 13 अगस्त 2026 तक मुंबई के डॉ. एनी बेसेंट रोड, वर्ली स्थित नेहरू सेंटर की प्रतिष्ठित एसी आर्ट गैलरी में किया गया है। प्रदर्शनी का समय दोपहर 12:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक निर्धारित है। सिद्धार्थ कर्मकार आर्ट फाउंडेशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी का क्यूरेशन सुप्रसिद्ध कलाकार सिद्धार्थ कर्मकार ने किया है।

‘काका’ की 7 कलाकृतियों की विशेषताएं

इस भव्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर परभणी के चित्रकार काका की कुल सात ‘एक्रेलिक ऑन कैनवास’ कलाकृतियां प्रदर्शित हो रही हैं। उनकी कला की सबसे बड़ी विशेषता विषयों की विविधता और भावनात्मक गहराई है।

प्रदर्शित कलाकृतियां:

  1. डिवाइनिटी काव्ड इन स्टोन (Divinity Carved in Stone): पाषाण में तराशा देवत्व — आध्यात्मिक शांति को दर्शाती श्री गणेश की प्रतिमा।
  2. द क्राई ऑफ द फॉरेस्ट (The Cry of the Forest): वन का आक्रोश — प्रकृति एवं पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता।
  3. नेचर्स फ्लोरल हार्मनी (Nature’s Floral Harmony): प्रकृत्ति की पुष्प-लयबद्धता — रंगों और नैसर्गिक सौंदर्य का उत्सव।
  4. मेमोरी इन ओल्ड सिटी (Memory in Old City): प्राचीन नगर की स्मृतियां — ग्रामीण एवं शहरी जीवन की विरासत और पुरानी यादें।
  5. इन सर्च ऑफ LIGHT (In Search of Light): प्रकाश की खोज — तमसो मा ज्योतिर्गमय, आशा और संघर्ष का अमूर्त (Abstract) स्वरूप।
  6. स्टिल लाइफ (Still Life): दैनंदिन वस्तुओं में निहित सौंदर्य — नीली बोतलों के माध्यम से रंगों की मनमोहक क्रीड़ा।
  7. डिवाइन गेज (Divine Gaze): दिव्य दृष्टि — 24″x36″ के विशाल कैनवास पर उकेरा गया बहुरंगी पोर्ट्रेट।

कला की अनूठी शैली और विविधता

सामान्यतः कलाकार किसी एक ही विषय पर केंद्रित रहते हैं, किंतु चित्रकार काका ने पोर्ट्रेट (Portrait), लैंडस्केप (Landscape), एब्सट्रैक्ट (Abstract), स्टिल लाइफ (Still Life) और कंपोज़िशन (Composition) जैसी 5 विभिन्न शैलियों को एक ही प्रदर्शनी में सफलतापूर्वक साधा है। यह प्रयास उनकी व्यापक कलात्मक दृष्टि को रेखांकित करता है। यथार्थवाद (Realism), प्राकृतिक दृश्य, एक्रेलिक माध्यम पर उनकी पकड़ और प्रत्येक चित्र से प्रस्फुटित होती माटी की महक तथा आध्यात्मिकता ही उनकी मुख्य पहचान है।

​ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के मध्य रहकर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का सृजन करने वाले ‘काका’ को इस प्रदर्शनी में स्थान मिलना संपूर्ण परभणी जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। नेहरू सेंटर जैसी प्रतिष्ठित दीर्घा तक अपनी माटी की प्रतिभा पहुंचाना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है।

​कला कनेक्ट, सिद्धार्थ कर्मकार आर्ट फाउंडेशन और सीसी सेइयो (CC Seio) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस “फ्रीडम सीजन 3” में सृजनशीलता, अभिव्यक्ति और कलात्मक उत्कृष्टता का अनुपम संगम देखने को मिलेगा। परभणी की माटी से निकला यह गुणी कलाकार आज मुंबई में अपने सात रंगों से स्वतंत्रता और सपनों का उत्सव रचा रहा है, जो हर गांव के विद्यार्थियों और नवोदित कलाकारों के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है।

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