Ramkatha
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वनवासियों के प्रेम और समरसता से सिंचित रहा प्रभु श्रीराम का वनवास काल
परभणी। स्थानीय स्टेशन रोड स्थित पेड़ा हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय ‘श्रीमद्वाल्मीकि रामायण कथा महोत्सव’ के अंतिम दिन…
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राम और भरत न होते, तो आज भ्रातृ-प्रेम का अस्तित्व ही समाप्त हो गया होता:
पेड़ा हनुमान मंदिर में आयोजित ‘श्रीमद् वाल्मीकि रामायण कथा महोत्सव’ का भावपूर्ण प्रसंग; 10 अगस्त को होगा ज्ञान यज्ञ का…
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कै. श्रीमती कमलताई जामकर महिला महाविद्यालय में ‘करियर कट्टा’ इंडक्शन अवेयरनेस प्रोग्राम संपन्न
परभणी: महाविद्यालयीन छात्राओं को न केवल रोजगार के योग्य बनाना बल्कि उन्हें स्वयं ‘रोजगार सृजक’ (जॉब क्रिएटर) के रूप में…
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कैकेई ने कुसंगति के प्रभाव में आकर श्री राम के राज्याभिषेक में उत्पन्न किया विघ्न-
परभणी (विशेष संवाददाता): “को न कुसंगति पाइ नसाई। रहइ न नीच मते चतुराई।।” अर्थात संसार में ऐसा कौन है जो…
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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण समस्त काव्यों का मूल आधार तथा पृथ्वी की प्रथम रचना
परभणी (महाराष्ट्र): ”वाल्मीकि रामायण विश्व के संपूर्ण काव्यों का सनातन बीज है तथा यह धरा की सर्वप्रथम काव्य रचना है।”…
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श्रीराम ने सामान्य धर्म और लक्ष्मण ने विशेष धर्म का पालन किया–
प्रभु चरित सुनिबे को रसिया। राम लखन सीता मन बसिया॥”- वाल्मीकि रामायण कथा महोत्सव – चतुर्थ दिवस जिला संवाददाता परभणी— …
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