परभणी (प्रतिनिधि):
परभणी जिले के बच्चों और किशोर-किशोराओं का स्वास्थ्य बेहतर रखने, उनमें एनीमिया (रक्तक्षय) के प्रमाण को कम करने तथा उनके शारीरिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतिशा माथुर के मार्गदर्शन में 27 अक्टूबर 2026 को ‘राष्ट्रीय कृमिनाशक अभियान’ (National Deworming Day) का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को एक ही दिन कृमिनाशक (एल्बेंडाजोल) गोलियां खिलाई जाएंगी।
जिलेभर में यह अभियान सभी स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चलाया जाएगा। छोटे बच्चों और किशोर-किशोराओं में पेट के कीड़ों (कीम/कृमि) का संक्रमण होने पर उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ सकता है। इस संक्रमण के कारण शरीर में पोषक तत्वों का अवशोषण कम होना, खून की कमी, कमजोरी, भूख न लगना और शारीरिक-बौद्धिक विकास में रुकावट आने की आशंका रहती है। इसलिए बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से कृमिनाशक दवा देना बेहद महत्वपूर्ण है।
स्कूलों, आंगनवाड़ियों और स्वास्थ्य केंद्रों पर होगा वितरण
अभियान के दिन जिले के पात्र बच्चों को स्कूल, आंगनवाड़ी और स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए गोलियां दी जाएंगी। इसके लिए 2,119 स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों को तथा 1,924 आंगनवाड़ियों में पंजीकृत बच्चों को संबंधित केंद्रों पर दवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जो बच्चे स्कूल या आंगनवाड़ी नहीं जाते, उन्हें इस अभियान का लाभ दिलाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों के जरिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिलकर पूरी योजना तैयार की है।
पालकों से सहयोग की अपील
जिला माता-बाल संगोपन अधिकारी डॉ. शिंदे ने अपील की है कि यदि किसी बच्चे को कोई गंभीर बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो दवा देने से पहले स्वास्थ्य कर्मचारियों की सलाह अवश्य लें। यदि कोई बच्चा 27 अक्टूबर को दवा लेने से छूट जाता है, तो उसे आगामी 3 नवंबर 2026 (मॉप-अप डे) के दिन स्कूल, आंगनवाड़ी या संबंधित स्वास्थ्य केंद्र पर कृमिनाशक गोली जरूर दिलवाएं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. किशोर सुरवसे ने जिले के सभी पालकों, शिक्षकों, आंगनवाड़ी सेविकाओं और नागरिकों से आग्रह किया है कि वे बच्चों के स्वास्थ्य को सुदृढ़, सशक्त और निरोगी बनाए रखने के लिए इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने पाल्यों को इसका पूरा लाभ दिलाएं।

