
परभणी:
महाराष्ट्र राज्य साहित्य एवं संस्कृति मंडल, मुंबई (अनुदानित) और अरुणोदय बहुउद्देशीय सेवाभावी संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय ‘ग्रामजागर साहित्य सम्मेलन’ के अध्यक्ष पद पर परभणी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. इंद्रजीत भालेराव को चुना गया है। वहीं, कृषिभूषण कांतराव देशमुख झरीकर को सम्मेलन का स्वागताध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
यह दो दिवसीय साहित्य सम्मेलन आगामी 28 और 29 नवंबर को पालम तहसील स्थित चाटोरी के ‘स्वामी विवेकानंद विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय’ के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा।
सम्मलेन के मुख्य आकर्षण:
दो दिनों तक चलने वाले इस वैचारिक व साहित्यिक महाकुंभ में:
- भव्य ग्रंथ डिंडी (शोभायात्रा)
- उद्घाटन सत्र व भव्य कवि सम्मेलन
- कथा वाचन और मराठी गजल प्रस्तुति
- विशेष साक्षात्कार एवं विविध प्रासंगिक विषयों पर परिचर्चा (परिसंवाद)
- समापन समारोह
इसके अतिरिक्त, सम्मेलन स्थल पर कला/चित्र प्रदर्शनी, स्मारिका का विमोचन और पुस्तक मेले (ग्रंथ प्रदर्शन) का भी आयोजन किया जाएगा।
संयोजन समिति के मार्गदर्शक प्राचार्य डॉ. दीनानाथ फुलवाडकर, संयोजक प्रो. संदीप किरडे, सचिन जोशी, सुभाष ढगे, प्राचार्य डी. बी. पवार, डॉ. जयंत बोबडे, माधव गव्हाणे और आत्माराम जाधव ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि सम्मेलन की विस्तृत समय-सारणी जल्द ही जारी की जाएगी।
चयन का मुख्य आधार:
संस्था द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि इस सम्मेलन का नाम ‘ग्रामजागर’ है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, ग्रामीण जीवन, कृषि-संस्कृति, आम आदमी के संघर्ष और संवेदनाओं को अपनी कविताओं में जीवंत रूप देने वाले मूर्धन्य कवि व लेखक प्रो. इंद्रजीत भालेराव को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है।
वहीं, कृषिभूषण कांतराव देशमुख द्वारा कृषि, माटी, जल संरक्षण और श्मशान भूमि सुधार जैसे सामाजिक सरोकारों पर किए जा रहे जनजागरण और उल्लेखनीय कार्यों के सम्मान स्वरूप उन्हें स्वागताध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

