अभाविप के ‘युगंधरा – जिला युवती सम्मेलन’ को मिला जबरदस्त प्रतिसाद
युवती सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासनिक कार्ययोजना का प्रस्ताव पारित

परभणी, १० अक्टूबर २०२६: युवतियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने, उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा देने तथा राष्ट्र एवं समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), परभणी द्वारा आयोजित ‘युगंधरा – जिला युवती सम्मेलन’ वसंतराव नाईक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। ‘नए युग की नई दिशा’ की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में महिला नेतृत्व, सुरक्षा, कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका, महिला अधिकार एवं कानून, भारतीय संस्कृति और सर्वांगीण विकास जैसे कई अहम विषयों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
युवतियां अपनी क्षमता पहचानकर ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान दें: डॉ. माधुरी कानिटकर
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल सेवानिवृत्त डॉ. माधुरी कानिटकर, अभाविप देवगिरि प्रांत संगठन मंत्री सिद्धेश्वर लटपटे, परभणी महानगर मंत्री गायत्री लाड और युवती सम्मेलन प्रमुख समीक्षा सुतार प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
उद्घाटन भाषण में डॉ. माधुरी कानिटकर ने युवतियों से आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमताओं पर भरोसा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवतियों को केवल नौकरी तक सीमित न रहकर स्टार्टअप, विज्ञान, अनुसंधान, पर्यटन और कृषि जैसे विविध क्षेत्रों में नवाचार करना चाहिए। अपनी आंतरिक शक्ति को पहचानकर यदि समाज के उत्थान में लगाया जाए, तो युवतियां ‘विकसित भारत २०४७’ के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।
उन्होंने परंपरा और आधुनिकता के समन्वय के साथ भारतीय मूल्यों, संस्कारों और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने पर बल दिया। साथ ही, समाज में युवक और युवतियों को समान अवसर और सम्मान मिलने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने युवतियों से ‘कम्फर्ट ज़ोन’ छोड़कर नेतृत्व स्वीकार करने, नई सीख अपनाने और सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील रहने का आग्रह किया।
अभाविप युवतियों के नेतृत्व विकास का प्रभावी मंच: सिद्धेश्वर लटपटे
अभाविप देवगिरि प्रांत संगठन मंत्री सिद्धेश्वर लटपटे ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्राओं को नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में लाने का एक सशक्त मंच है। ‘मिशन साहसी’, ‘रूपमती अभियान’ और विविध सेवा प्रकल्पों के जरिए देशभर में लाखों छात्राएं संगठन से जुड़कर सामाजिक बदलाव की वाहक बन रही हैं। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक गतिविधियों से युवतियों में निर्णय क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना का विकास होता है, जिसके बल पर वे सामाजिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
कृषि में महिलाओं की भूमिका और कानूनी अधिकारों पर सत्र
तकनीकी सत्र में डॉ. गोदावरी पवार ने कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती में महिलाओं की भागीदारी रीढ़ की हड्डी के समान है, जिसे उचित सामाजिक और आर्थिक पहचान मिलना आवश्यक है।
कानूनी अधिकारों और महिला सुरक्षा पर आयोजित सत्र में सुरेखा दराडे ने व्याख्यान दिया। उन्होंने महिलाओं के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों, अधिकारों के प्रति जागरूकता और संकट के समय कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रियाओं की जानकारी दी।
प्रशासनिक कार्ययोजना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण ‘युवती सशक्तीकरण एवं सर्वांगीण विकास हेतु प्रशासनिक कार्ययोजना’ का प्रस्ताव रहा। परभणी महानगर मंत्री गायत्री लाड द्वारा प्रस्तुत इस प्रस्ताव को सदन ने सर्वसम्मति से पारित किया।
प्रस्ताव में प्रमुख मांगें व बिंदु:
- ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था।
- सरकारी कन्या छात्रावासों की मरम्मत एवं नए छात्रावासों का निर्माण।
- शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के लिए स्वच्छ व सुरक्षित प्रसाधन सुविधाएं।
- साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान।
- बाल विवाह रोकथाम के कड़े उपाय।
- व्यावसायिक शिक्षा के अवसर और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का पारदर्शी क्रियान्वयन।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और समापन
सम्मेलन के सांस्कृतिक सत्र में गणेश वंदना, ‘तेरा वैभव अमर रहे माँ’ और ‘वंदे मातरम्’ की प्रेरणादायी प्रस्तुतियों ने राष्ट्रभक्ति का माहौल बनाया।
समापन सत्र को अभाविप विभाग छात्रा प्रमुख सेजल काले ने संबोधित किया। उन्होंने सम्मेलन का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि ‘युगंधरा’ का उद्देश्य युवतियों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। समाज और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से ही युवतियों का संपूर्ण विकास संभव है।
— अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, परभणी जिला