पैंतीस वर्षों के शासन में २४३ करोड़ का महाघोटाला! पूर्व विधायक बाबाजानी दुर्रानी का जेल जाना तय
विधायक सईद खान का तीखा हमला

विशेष संवाददाता
पाथरी:
“पैंतीस वर्षों की दबंगई, आतंक और लूट जनता की अदालत में परास्त हो चुकी है। इसी कारण आज पूर्व विधायक की बौखलाहट खुलकर सामने आ रही है।” यह तीखा आरोप विधायक सईद खान ने शनिवार को लगाया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर स्थित शिवसेना भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक खान ने पूर्व विधायक एवं मनोनीत पार्षद बाबाजानी दुर्रानी पर २४३ करोड़ रुपये के महाभ्रष्टाचार का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “सभी साक्ष्य शासन को सौंप दिए गए हैं। बहुत जल्द इन्हें कारागार की हवा खानी पड़ेगी।”
“३६ एकड़ से १२०० एकड़ भूमि कैसे हुई?”
नगर परिषद में ८ करोड़ ११ लाख रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक द्वारा अनशन शुरू किए जाने के बाद विधायक खान ने जोरदार पलटवार किया।
विधायक खान ने कहा, “जिस व्यक्ति के पास सत्ता में आने से पूर्व मात्र ३६ एकड़ भूमि थी, आज उसके पास १२०० एकड़ भूमि कहां से आई? इसकी निष्पक्ष जांच होनी ही चाहिए। पूर्व विधायक दुर्रानी पहले भी हत्या के आरोप में ९ माह कारागार में रह चुके हैं। अब भ्रष्टाचार के इन गंभीर आरोपों से भी उनका बचना असंभव है।”
२४३ करोड़ की कथित लूट का विवरण
विधायक खान ने एक-एक प्रकरण का खुलासा करते हुए निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए:
- कब्रिस्तान की भूमि: बैकार मोहल्ला स्थित २ एकड़ कब्रिस्तान की भूमि (मूल्य २० करोड़ रुपये) पर अवैध कब्जा किया।
- नगर परिषद के समक्ष भूमि: नगर परिषद के सामने स्थित विलास माथेले की २० करोड़ रुपये मूल्य की बहुमूल्य भूमि हड़प ली।
- दुकानों में आगजनी: मुख्य मार्ग की दुकानों को जलाकर राख कर दिया और मूल दुकानदारों की उपेक्षा की। रेडीमेड वस्त्र व्यापारी सिद्दीकी एवं अंसारी आज भी बेघर हैं।
- ईदगाह भूमि: इंदिरा नगर स्थित ईदगाह की आधी भूमि पर भवन निर्माण किया और शेष २ एकड़ में भूखंड काटकर बेच दिए।
- हुले सावकार भूमि: हुले सावकार की भूमि हथियाकर उस पर दुकानें बनाईं और विक्रय कर दीं।
- गौशाला भूमि: नगर परिषद को दान में दी गई गौशाला की भूमि पर अवैध कब्जा जमाया।
- आंगनवाड़ी भूमि: फक्राबाद स्थित आंगनवाड़ी की भूमि विद्यालय को देने के बजाय निजी व्यक्तियों को पट्टे (किराए) पर दे दी।
- महिला उत्पीड़न व भूमि कब्जा: मानवत में अंसारी समुदाय की महिलाओं की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर, मारपीट कर उनकी भूमि पर कब्जा किया।
- महामार्ग से सटी भूमि: मुंबई निवासी आसेफ खान की राष्ट्रीय राजमार्ग से सटी भूमि पर पिता-पुत्र ने अवैध कब्जा किया।
- अवैध निर्माण व भूखंड: सर्विस रोड पर अवैध ‘बाबा टॉवर’ का निर्माण कराया तथा पानी की टंकी के पीछे स्थित लिंगायत समाज की २ एकड़ भूमि हड़पकर भूखंड बेचे।
- पेयजल योजना घोटाला: २५ करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना में मात्र ४ से ५ करोड़ रुपये का कार्य कराया गया। २ शोधन संयंत्रों (फिल्टर) के स्थान पर केवल १ संयंत्र स्थापित किया गया और शेष धनराशि का गबन कर लिया गया। अनेक ठेकेदारों के लाखों रुपये रोककर उन्हें बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया।
विधायक खान ने दृढ़ विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, “इन सभी प्रकरणों का नगर विकास विभाग द्वारा पुनरंकेक्षण (री-ऑडिट) जारी है। कुछ मामलों में एसआईटी (विशेष जांच दल) भी गठित की गई है। इस महाघोटाले में बाबाजानी दुर्रानी का दोष सिद्ध होगा और उन्हें जेल जाना ही पड़ेगा।”
इस पत्रकार वार्ता में नगर परिषद अध्यक्ष आसेफ खान, उपाध्यक्ष आलोक चौधरी, गोविंद हारकाळ, मुंजाजी भाले पाटिल, लालू खान, मुंजाभाऊ नाना टाकळकर सहित शिवसेना के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
अन्य पदाधिकारियों के आरोप
नगर परिषद अध्यक्ष आसेफ खान ने आरोप लगाया कि “जिला परिषद विद्यालय निर्माण कार्य में १ करोड़ रुपये का घोटाला किया गया है।”
उपाध्यक्ष आलोक चौधरी ने कहा, “विकास कार्यों में सहयोग करने के स्थान पर केवल विरोध के लिए विरोध किया जाता है। इनके आतंक के कारण नगर परिषद में कोई स्थायी मुख्याधिकारी (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) कार्यभार ग्रहण नहीं करता, जिससे कर्मचारियों के वेतन में विलंब होता है।”
चौधरी ने आगे कहा, “वर्तमान प्रशासन ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत ५०० से अधिक निर्धन लाभार्थियों को आवास उपलब्ध कराए हैं, जबकि पूर्व में जानबूझकर निर्धनों के नामों को रोका जाता था।”
अंत में विधायक सईद खान ने कहा, “जनता ने पैंतीस वर्षों के तानाशाही शासन का अंत कर दिया है। मेरे परिवार को जिला सहकारी बैंक में २ निदेशक पद प्राप्त हुए हैं, जिससे विरोधियों में भारी ईर्ष्या है। पाथरी की जनता अब जागरूक हो चुकी है और इस लूट का पूरा हिसाब लेकर रहेगी।”