
विशेष गहन पुनरीक्षण का शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण पूर्ण
सामूहिक प्रयासों से हासिल किया लक्ष्य; परभणी की उपलब्धि में जुड़ा एक और मानांकित अध्याय!
परभणी, ८ अगस्त भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम में परभणी जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज कराया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत शत-प्रतिशत (100%) कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण करते हुए परभणी जिले ने मराठवाड़ा संभाग में प्रथम तथा राज्य स्तर पर समग्र प्रदर्शन में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उल्लेखनीय है कि महानगर पालिका क्षेत्र शामिल होने के बावजूद, केवल शहरी क्षेत्रों के निष्पादन की दृष्टि से परभणी जिला संपूर्ण राज्य में शीर्ष (प्रथम) स्थान पर रहा है। राज्य स्तरीय समग्र रैंकिंग में रत्नागिरी जिला प्रथम स्थान पर रहा, जो मुख्य रूप से एक ग्रामीण बहुल जिला है। मानसूनी बारिश की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और बीएलओ (बूथ स्तरीय अधिकारियों) के अथक परिश्रम से परभणी ने यह गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
जिलाधिकारी के सतत पर्यवेक्षण से कार्य को मिली गति
इस सफलता के पीछे जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण का कुशल नियोजन, निरंतर पर्यवेक्षण, नियमित समीक्षा और मार्गदर्शन निर्णायक साबित हुआ। जिले में एसआईआर प्रक्रिया को अपेक्षित गति देने और निर्धारित लक्ष्य समय पर हासिल करने के लिए जिलाधिकारी महोदय ने प्रतिदिन सायं 7 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा बैठक ली।
इस समीक्षा बैठक के दौरान विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति, लंबित कार्य, तकनीकी समस्याओं एवं आवश्यक सुधारात्मक कदमों का विस्तृत जायजा लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस निरंतर और परिणामोन्मुखी पर्यवेक्षण को सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारियों ने सकारात्मक रूप से अपनाते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया और कार्य को गति दी।
जिला स्तर से किए गए इस नियमित एवं व्यक्तिगत पर्यवेक्षण ने मैदानी तंत्र के समन्वय को अत्यधिक सुदृढ़ बनाया। लंबित कार्यों का लगातार परीक्षण, समस्याओं का त्वरित निवारण और क्षेत्रीय कर्मचारियों का समय-समय पर मार्गदर्शन—इन सभी कारकों ने एसआईआर प्रक्रिया के कंप्यूटरीकरण कार्य को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत पूर्ण करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तकनीकी मार्गदर्शन से प्रक्रिया को मिला बल
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अरुणा संगेवार ने प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रक्रिया की बारीकियों के संबंध में अधिकारियों एवं कर्मचारियों का कुशल मार्गदर्शन किया। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न होने वाले तकनीकी मुद्दों के समाधान, मैदानी तंत्र के साथ निरंतर संवाद तथा कार्य प्रगति की समीक्षा में उनके मार्गदर्शन की अहम भूमिका रही।
विधानसभा क्षेत्रवार सूक्ष्म नियोजन
क्षेत्रीय स्तर पर उपविभागीय अधिकारी एवं मतदाता पंजीकरण अधिकारी उदयसिंह भोसले (परभणी), शैलेश लाहोटी (सेलू), संगीता चव्हाण (पाथरी) और जीवराज डापकर (गंगाखेड़) ने अपने-अपने क्षेत्रों में सूक्ष्म (माइक्रो) नियोजन, नियमित समीक्षा और प्रभावी समन्वय के माध्यम से एसआईआर कार्य को गति प्रदान की। विधानसभा क्षेत्रवार लंबित मामलों पर विशेष ध्यान केंद्रित कर संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए, जिससे अंतिम चरण तक कार्य में निरंतरता और तेजी बनी रही।
बारिश में भी नहीं थमे कदम…
एसआईआर प्रक्रिया की इस शानदार सफलता में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका बीएलओ और मैदानी स्तर के कर्मचारियों ने निभाई। मानसूनी बारिश, ग्रामीण क्षेत्रों की विषम परिस्थितियां, आवागमन की समस्याएं और नागरिकों तक पहुंचने की चुनौतियों के बावजूद बीएलओ ने घर-घर जाकर, नागरिकों से सीधा संपर्क साधा और आवश्यक जानकारी एकत्रित करते हुए अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन किया।
मंडल अधिकारी, पटवारी, कोतवाल, पुलिस पाटिल, ग्राम सेवक, कृषि सहायक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविका तथा विभिन्न विभागों के क्षेत्रीय कर्मचारियों ने भी इस अभियान में अभूतपूर्व योगदान दिया। “निर्वाचन केवल चुनाव विभाग का दायित्व न होकर लोकतंत्र का सामूहिक उत्तरदायित्व है”—इसी भावना के साथ विभिन्न विभागों के कर्मियों ने एसआईआर अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा तहसील कार्यालयों में निर्वाचन संबंधी कार्य संभालने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों ने नियमित प्रशासनिक दायित्वों के साथ-साथ एसआईआर प्रक्रिया को प्राथमिकता दी। समय की परवाह किए बिना, छुट्टियों और कार्यालयी समय के बाद भी कार्य करते हुए अभियान को मुकाम तक पहुंचाया।
सामूहिक प्रयासों पर लगी सफलता की मुहर
परभणी जिले की यह उपलब्धि किसी एक अधिकारी या विभाग तक सीमित न होकर जिला प्रशासन, निर्वाचन तंत्र, राजस्व विभाग, स्थानीय निकायों के कर्मचारियों, विभिन्न विभागों के मैदानी अमले और हजारों बीएलओ के साझा प्रयासों का प्रतिफल है।
विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से परभणी जिले द्वारा किया गया यह कार्य अत्यंत सराहनीय है।
मराठवाड़ा में प्रथम, राज्य में द्वितीय और शहरी क्षेत्र के प्रदर्शन में राज्य में प्रथम स्थान हासिल कर परभणी जिले ने एक बार फिर कुशल नियोजन, सतत निरीक्षण, प्रभावी समन्वय और टीम वर्क के बल पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है।