राज्य

विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान: परभणी जिले का उत्कृष्ट प्रदर्शन

डिजिटलीकरण में विभाग में प्रथम तथा राज्य में चौथे स्थान पर रहा परभणी जिला


परभणी, १७ जुलाई 

भारत निर्वाचन आयोग  के निर्देशानुसार संपूर्ण राज्य में चलाए जा रहे ‘विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान’ में परभणी जिले ने अत्यंत उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। मतदाता पंजीकरण आवेदनों के डिजिटलीकरण (डिजिटलाइजेशन) के कार्य में परभणी जिले ने छत्रपति संभाजीनगर प्रभाग (विभागा) में प्रथम तथा महाराष्ट्र राज्य में चौथा स्थान प्राप्त किया है।

​इस शानदार उपलब्धि की पृष्ठभूमि में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिलावार समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में परभणी जिले द्वारा अत्यंत कम समय में की गई इस प्रगति की विशेष सराहना करते हुए जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय सिंह चव्हाण को बधाई दी गई। इसके साथ ही जिला प्रशासन, उप-विभागीय अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मंडल अधिकारियों, पटवारियों , बीएलओ (बूथ स्तर के अधिकारियों) और संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के समन्वित व सामूहिक प्रयासों की भी प्रशंसा की गई।

विधानसभा क्षेत्रवार प्रगति का विवरण

​जिले के चारों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में डिजिटलीकरण का कार्य अत्यंत तीव्र गति से चल रहा है। इसमें गंगाखेड विधानसभा क्षेत्र ६६.५६ प्रतिशत प्रगति के साथ सबसे आगे है। इसके पश्चात क्रमशः पाथरी (५९.३५ प्रतिशत), जिंतूर (५४.४३ प्रतिशत) और परभणी (४७.४२ प्रतिशत) निर्वाचन क्षेत्रों का स्थान है।

​वर्तमान में जिले के कुल १५ लाख ४१ हजार ७ मतदाताओं में से ८ लाख ८४ हजार ८४३ मतदाताओं के आवेदनों का डिजिटलीकरण पूर्ण कर लिया गया है, जिससे जिले की कुल प्रगति ५७.४२ प्रतिशत पर पहुंच गई है।

अधिकारी वर्ग का वक्तव्य और मतदाताओं से अपील

​जिलाधिकारी संजय सिंह चव्हाण ने जानकारी दी कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के कार्य को निर्धारित समयावधि में और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के लिए जिला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है। प्रत्येक पात्र मतदाता की जानकारी पूर्णतः सटीक और अद्यतन (अपडेटेड) रहे, इसके लिए संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों तथा बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

​उन्होंने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि जब भी बीएलओ उनके निवास स्थान पर आएं, तब उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराएं, आवेदनों के सत्यापन (वेरिफिकेशन) में सहयोग करें और इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि इस सहयोग से मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने में सहायता मिलेगी।

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