राज्यस्वास्थ

मुख्यमंत्री सहायता कोष से संभव हुआ यकृत प्रत्यारोपण

पत्नी के यकृत दान से पति को मिला नवजीवन

मुंबई (विशेष संवाददाता): अत्यंत प्रतिकूल आर्थिक स्थिति के कारण यकृत (लिवर) प्रत्यारोपण का व्यय वहन करना जिस परिवार के लिए असंभव हो गया था, उसके लिए शासकीय एवं सामाजिक सहायता वरदान साबित हुई है। उपचार के लिए आवश्यक ₹25 से ₹30 लाख की भारी राशि की तुलना में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं टाटा ट्रस्ट के वित्तीय सहयोग से अकोला निवासी प्रशांत इंगले (आयु 47 वर्ष) का मुंबई स्थित नानावटी अस्पताल में सफल यकृत प्रत्यारोपण संपन्न हुआ। इस जटिल शल्यचिकित्सा (सर्जरी) में उनकी पत्नी वर्षा इंगले ने स्वयं के यकृत का एक अंश दान कर अपने पति को नवजीवन प्रदान किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से प्रशांत इंगले के उपचार हेतु ₹2 लाख की राशि स्वीकृत की गई। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं चैरिटेबल अस्पताल सहायता कक्ष के निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप टाटा ट्रस्ट की ओर से ₹19 लाख 60 हजार की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। इस प्रकार कुल ₹21 लाख 60 हजार की निधि संयोजित होने से यह अत्यंत व्ययसाध्य यकृत प्रत्यारोपण संभव हो सका।

​पीड़ित प्रशांत इंगले अकोला में केबल बिछाने का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके परिवार में वृद्ध माता-पिता, पत्नी, महाविद्यालय में अध्ययनरत पुत्री तथा दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला पुत्र सम्मिलित हैं। सितम्बर-अक्टूबर 2025 के दौरान उन्हें उदरशूल (पेट दर्द) की शिकायत हुई। अकोला एवं नागपुर में संपन्न चिकित्सीय परीक्षणों के पश्चात उनके यकृत के गंभीर रूप से निष्क्रिय होने का निदान (डायग्नोसिस) हुआ। चिकित्सकों ने शीघ्र यकृत प्रत्यारोपण का परामर्श दिया, किंतु लाखों रुपये का यह उपचार व्यय परिवार की वित्तीय क्षमता से परे था।

​इस विषम स्थिति में पत्नी वर्षा इंगले ने परिजनों सहित अकोला के स्थानीय विधायक से भेंट की। विधायक ने उन्हें मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के विषय में अवगत कराते हुए मुंबई में उपचार कराने का परामर्श दिया। तत्पश्चात इंगले परिवार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं चैरिटेबल अस्पताल सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाइक से संपर्क किया। नाइक ने विषय की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रलेखों (दस्तावेजों) की प्रक्रिया पूर्ण कराई तथा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं टाटा ट्रस्ट से वित्तीय सहायता दिलाने हेतु प्रभावी कार्रवाई की।

​इस वित्तीय सहयोग के बल पर 25 जून 2026 को मुंबई के नानावटी अस्पताल में सफल यकृत प्रत्यारोपण संपन्न हुआ। शल्यचिकित्सा के पश्चात स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार होने पर 13 जुलाई 2026 को प्रशांत इंगले को अस्पताल से अवकाश (डिस्चार्ज) दे दिया गया। वर्तमान में उनका स्वास्थ्य स्थिर है और वे धीरे-धीरे पूर्णतः स्वस्थ हो रहे हैं।

​समय पर मिली वित्तीय सहायता से नवजीवन प्राप्त होने पर इंगले परिवार ने उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं चैरिटेबल अस्पताल सहायता कक्ष के प्रमुख रामेश्वर नाइक तथा टाटा ट्रस्ट के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

प्रतिक्रिया:

​”उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना से, आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी भी निर्धन अथवा जरूरतमंद मरीज का उपचार धन के अभाव में न रुकने पाए, इस उद्देश्य से मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं चैरिटेबल अस्पताल सहायता कक्ष निरंतर कार्य कर रहा है। इसी सेवा भावना के फलस्वरूप प्रशांत इंगले को समयानुसार आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी, इसका हमें असीम संतोष है। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के संबंध में विस्तृत जानकारी हेतु नागरिक टोल-फ्री क्रमांक 1800 123 2211 पर संपर्क कर सकते हैं।”

रामेश्वर नाइक (कक्ष प्रमुख, मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष एवं चैरिटेबल अस्पताल सहायता कक्ष)

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