शासन की योजनाओं को नागरिकों तक पहुँचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध– ज़िलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण
किसानों से सीधे संवाद के माध्यम से आधुनिक कृषि को प्रोत्साहन: कुलपति डॉ. इंद्र मणि
परभणी: नागरिकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, सुलभ और समयबद्ध तरीक़े से मिले, इस उद्देश्य से आयोजित ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर’ को परभणी में अभूतपूर्व प्रतिसाद प्राप्त हुआ। विभिन्न विभागों की सेवाओं को एक ही परिसर में उपलब्ध कराते हुए लाभार्थियों को योजनाओं के लाभों का प्रतीकात्मक रूप से वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित महानुभावों ने नागरिक- केंद्रित पहलों, आधुनिक कृषि, कानून-व्यवस्था और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिवस तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत पवार की जयंती के उपलक्ष्य में परभणी विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों के लिए ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर अभियान’ का आयोजन वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत सभागार में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में ज़िला परिषद अध्यक्ष लता वाकले, महापौर सैयद इक़बाल सैयद ख़्वाजा, ज़िलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण, कृषि विशेषज्ञ पद्मश्री श्रीरंग देवबा लाड, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. इंद्र मणि, ज़िला पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत, ज़िला परिषद की मुख्य कार्यपालक अधिकारी नतिशा माथुर, उपविभागीय अधिकारी उदयसिंह भोसले, तहसीलदार डॉ. संदीप राजपुरे सहित अनेक जन प्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक व लाभार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित अतिथियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज, भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत पवार के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तत्पश्चात् दीप प्रज्ज्वलन के साथ शिविर का औपचारिक उद्घाटन संपन्न हुआ।
ज़िलाधिकारी श्री चव्हाण ने कहा कि राज्य सरकार ने नागरिकों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुगमता, पारदर्शिता और समय सीमा के भीतर पहुँचाने के ध्येय से ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर’ अभियान प्रारंभ किया है। इस अभियान के माध्यम से किसानों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा जनसामान्य की राजस्व एवं अन्य शासकीय सेवाओं से संबंधित समस्याओं का द्रुत गति से निवारण किया जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि ग्रामीण अंचलों में आवागमन की मुख्य धमनियों के रूप में पहचाने जाने वाले तथा वर्षों से अतिक्रमण के कारण अवरुद्ध कई ‘पगडंडी’ (खेतों तक पहुँचने वाले) रास्तों को अतिक्रमण मुक्त कराकर जनसामान्य के लिए पुनः खोल दिया गया है। इससे किसानों को अपने खेतों तक सुचारु पहुँच, कृषि उपज के परिवहन तथा ग्रामीण परिवहन प्रणाली को सुदृढ़ करने में व्यापक सहायता मिल रही है।
महिलाओं के सर्वांगीण उत्थान, विशेषकर एकल महिलाओं तक शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और शासकीय सेवाएँ भी प्रदान की जा रही हैं। साथ ही ज़िलाधिकारी ने नागरिकों से ‘आभा कार्ड’ बनवाने, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठाने तथा विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए गणना प्रपत्र समय पर जमा करने का आह्वान किया।
पद्मश्री श्रीरंग लाड ने कपास की फ़सल के लिए विकसित नवीन रोपण तकनीक पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पद्धति से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अनेक किसानों की आय बढ़ी है। उन्होंने किसानों से इस तकनीक को अपनाकर वैज्ञानिक पद्धति से कपास उत्पादन करने का आग्रह किया। साथ ही महिला कृषकों को आत्मविश्वास एवं सक्षमता के साथ आधुनिक तकनीक अपनाकर अधिक उत्पादन और आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति डॉ. इंद्र मणि ने ‘छत्रपति शिवाजी महाराज महाराजस्व समाधान शिविर’ पहल की सराहना करते हुए इसे शासकीय सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने वाला एक अत्यंत प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय शोध, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से निरंतर किसानों के हित में प्रयासरत है। विश्वविद्यालय किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन हेतु सदैव तत्पर है।
ज़िला पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत ने कहा कि ज़िले में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा करना तथा एक भयमुक्त वातावरण निर्मित करना पुलिस प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य है। इसके लिए ज़िले में विभिन्न उपाययोजनाएँ क्रियान्वित की जा रही हैं। उन्होंने ‘पुलिस आपके द्वार’ पहल को नागरिकों और पुलिस के मध्य पारस्परिक विश्वास को सुदृढ़ करने वाला सेतु बताया तथा एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और अपराधमुक्त समाज के निर्माण हेतु जन-सहभागिता का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित नगरसेवक केदार खटिंग, ज़िला परिषद गुट नेता दिलीप देशमुख, सुरेश भुमरे एवं शिवाजी भरोसे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वहीं लाभार्थियों की ओर से अर्जुन पाटिल, नारायण राउत एवं शुभांगी सर्जे ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रस्ताविक भाषण में तहसीलदार डॉ. राजपुरे ने शिविर के उद्देश्यों और महत्त्व पर प्रकाश डाला। समारोह के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अतिथियों के कर-कमलों द्वारा प्रतीकात्मक रूप से लाभ वितरित किए गए। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ तथा भूमि अभिलेख अधिकारी सुनील मोरे को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में नागरिकों की जानकारी के लिए लगाए गए विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉलों का अतिथियों द्वारा फ़ीता काटकर उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन शिक्षक प्रवीण वायकोस ने किया।
