नंदीग्राम एक्सप्रेस के एसी कोच में हनीमून डेकोरेशन
टिकट परीक्षक निलंबित, डेकोरेटर के विरुद्ध कार्रवाई
परभणी/प्रतिनिधि
बल्लारशाह-मुंबई नंदीग्राम एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित (फर्स्ट एसी) डिब्बे में जालना के एक निजी डेकोरेटर द्वारा अनधिकृत रूप से प्रवेश कर कंपार्टमेंट को सजाने की घटना को रेलवे प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। इस मामले में संबंधित टिकट परीक्षक (टीटीई) को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, रेलगाड़ी में अनधिकृत प्रवेश कर सजावट करने के आरोप में संबंधित डेकोरेटर के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
जालना स्टेशन से डेकोरेटर ने सोमवार दिनांक ६जुलाई को नंदीग्राम एक्सप्रेस में प्रवेश किया और बिना किसी आधिकारिक अनुमति के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कूपे की सजावट की। आरक्षित प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच में यह अनधिकृत प्रवेश रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से एक अत्यंत गंभीर मामला है, क्योंकि ऐसे डिब्बों में केवल अधिकृत यात्रियों और रेलवे के प्राधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। यह मामला संज्ञान में आते ही रेलवे प्रशासन ने पाया कि प्रथम दृष्टया यह अनधिकृत प्रवेश संबंधित टिकट परीक्षक की लापरवाही के कारण हुआ, जिसके चलते उन्हें आगामी जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, घटना में उत्तरदायित्व निर्धारित करने और प्रक्रियागत कमियों की गहन जांच के लिए विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले संबंधितों के विरुद्ध नियमानुसार उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही, जालना के संबंधित डेकोरेटर के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के प्रावधानों के तहत बिना वैध टिकट यात्रा करने और रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की गई है।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निजी व्यक्ति या व्यावसायिक सेवा प्रदाता को आवश्यक अनुमति के बिना रेलगाड़ी अथवा आरक्षित डिब्बों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। यात्री रेलगाड़ी में सजावट या किसी अन्य सेवा के लिए ऐसे अनधिकृत व्यक्तियों को नियुक्त न करें। इस प्रकार के कृत्य रेलवे नियमों का उल्लंघन हैं और संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों की सुरक्षा, संरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन प्रतिबद्ध है तथा रेलवे के नियमों व कार्यप्रणालियों का कड़ाई से अनुपालन निरंतर सुनिश्चित किया जाएगा। नियमों के किसी भी प्रकार के उल्लंघन पर संबंधितों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।