परभणी जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक चुनाव: 21 में से 13 निदेशकों के पदों पर निर्विरोध निर्वाचन; 8 सीटों पर मुकाबला तय दिग्गज नेताओं सहित उनके परिजन निर्विरोध चुने गए; समर्थक उतरे चुनावी अखाड़े में; जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के निदेशक पदों के चुनाव में पर्दे के पीछे की रणनीतियां रहीं सफल।
परभणी:
जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक (डीसीसीबी) के निदेशक मंडल के 21 में से 13 पदों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन संपन्न हो गया है। इसके चलते अब शेष 8 निदेशक पदों के लिए चुनाव होना अनिवार्य हो गया है।
निदेशक पदों के लिए नामांकन वापस लेने के अंतिम दिन,09 जुलाई (गुरुवार) दोपहर 3 बजे तक पर्दे के पीछे राजनीतिक गतिविधियों का दौर तेजी से चला। इस सघन राजनीतिक उठापटक के परिणामस्वरूप कुल 21 सीटों में से 13 सीटों पर उम्मीदवारों का निर्विरोध चुना जाना संभव हो सका। इसके तहत वरिष्ठ व प्रभावशाली राजनेताओं सहित वर्तमान एवं पूर्व विधायक और उनके उत्तराधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं, जबकि उनके समर्थक अब भी चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
प्राथमिक कृषि साख समिति (सोसाइटी) क्षेत्र: 14 में से 9 सीटें निर्विरोध
बैंक के प्राथमिक कृषि साख समिति एवं विविध कार्यकारी सेवा सहकारी संस्था निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत परभणी ब्लॉक से बैंक के वर्तमान अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता सुरेश वरपुडकर अपेक्षानुसार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं। इस ब्लॉक से उनके पुत्र समशेर वरपुडकर ने भी नामांकन दाखिल किया था, जिन्होंने उम्मीद के मुताबिक अपना नाम वापस ले लिया।
परभणी की ही तरह जिंतूर ब्लॉक से बैंक के पूर्व अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता रामप्रसाद बोर्डीकर भी निर्विरोध चुने गए हैं। उनके भाई गंगाधर कदम बोर्डीकर ने इस निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन वापस लिया।
सेलू ब्लॉक: राज्य की तत्कालीन पालकमंत्री सौ. मेघना साकोरे बोर्डीकर निर्विरोध निर्वाचित हुईं। यहाँ से राजेंद्र लहाणे ने अपना नाम वापस लिया।
पाथरी ब्लॉक: विधायक सईद खान के भाई पठान मेहराज खान शेरगुल खान निर्विरोध चुने गए। यहाँ अन्य सभी प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए।
गंगाखेड ब्लॉक: वर्तमान विधायक डॉ. रत्नाकर गुट्टे निर्विरोध निर्वाचित हुए। यहाँ अंकेश भगवान सानप ने अपना पर्चा वापस लिया।
सोनपेठ ब्लॉक: वर्तमान विधायक राजेश विटेकर निर्विरोध चुने गए। यहाँ से विठ्ठलराव सूर्यवंशी और विद्या धोंडगे ने नामांकन वापस लिया।
पालम ब्लॉक: तुषार दुधाटे गोलेगांवकर का निर्विरोध चुना जाना पहले से तय था, क्योंकि इस ब्लॉक से केवल उनका ही एकमात्र नामांकन दाखिल हुआ था।
हिंगोली जिला (औंढा ब्लॉक): राजेश पाटिल गोरेगांवकर निर्विरोध निर्वाचित हुए। यहाँ सोपानराव लभेकर ने अपना नाम वापस लिया।
सेंगांव ब्लॉक: राजेश पाटिल गोरेगांवकर की धर्मपत्नी सौ. रूपाली राजेश पाटिल इस क्षेत्र से निर्विरोध चुनी गईं।
परभणी और हिंगोली जिलों को मिलाकर कुल 14 सोसाइटी क्षेत्रों में से 9 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। इसके परिणामस्वरूप अब परभणी जिले के पूर्णा व मानवत और हिंगोली जिले के वसमत, हिंगोली व कलमनुरी—इन पांच ब्लॉकों में चुनाव होना तय है।
कृषि विपणन एवं कृषि उत्पाद प्रसंस्करण क्षेत्र: सुरेशदादा देशमुख निर्विरोध
कृषि विपणन (पणन) संस्था एवं कृषि उत्पाद प्रसंस्करण निर्वाचन क्षेत्र से संतोष बोबडे, अभिजीत पारवे और राजेश काले इन तीनों उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके कारण पूर्व विधायक सुरेशराव देशमुख के निर्विरोध निर्वाचन का मार्ग प्रशस्त हो गया। इस क्षेत्र से देशमुख ने अपना नामांकन बनाए रखा, जबकि उनके पुत्र व उपमहापौर गणेश देशमुख ने नाम वापस ले लिया।
महिला आरक्षित वर्ग: दोनों सीटें निर्विरोध
महिला श्रेणी की दोनों सीटों पर सौ. प्रेरणा समशेर वरपुडकर और भावना सचिन बोर्डीकर-मुंगसे निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। इस वर्ग से सौ. सुरेखा भिकाजी आवचार, सौ. मीना सुरेश वरपुडकर, जयश्री सुभाष जाधव सहित अन्य कई महिला प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, जिससे यह मुकाबला पूरी तरह एकतरफा और निर्विरोध हो गया।
अन्य पिछड़ा वर्ग : भगवानराव वाघमारे निर्विरोध
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी से वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उपमहापौर भगवानराव वाघमारे निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र से सचिन भोसले, अनिल वाघमारे, रामभाऊ घाटगे और अशोक काकडे सहित अन्य उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए।
अन्य कृषि संस्था क्षेत्र: सईद खान बनाम जामकर मुकाबला
अन्य कृषि संस्था निर्वाचन क्षेत्र में कई दिग्गजों के नामांकन पत्र दाखिल हुए थे, जिनमें से कुछ ने नाम वापस ले लिए हैं। हालांकि नाम वापस लेने वाले सभी उम्मीदवारों की सूची स्पष्ट नहीं हो सकी है, परंतु अभी भी 5 से 6 प्रत्याशी मैदान में सक्रिय हैं। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से विजय जामकर बनाम विधायक सईद खान के बीच सीधा और कड़ा मुकाबला होने की संभावना है।
अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग: ठाकुर बनाम सरोदे का मुकाबला तय
अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) आरक्षित निर्वाचन क्षेत्र से भी कुछ उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए हैं। अब इस सीट पर मुख्य रूप से प्रशास चंद्रशेखर ठाकुर बनाम अतुल गोपीनाथ सरोदे के बीच चुनावी मुकाबला होना निश्चित माना जा रहा है।
विमुक्त जाति/भटकती जनजाति (VJNT) वर्ग: परिहार बनाम कुंडगीर व मायंदले
विमुक्त जाति, भटकती जनजाति एवं विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणी के निर्वाचन क्षेत्र से कुल 17 नामांकन दाखिल हुए थे। व्यापक स्तर पर हुई नाम वापसी के बाद अब इस त्रिकोणीय चुनावी मैदान में परिहार बनाम मायंदले और कुंडगीर के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिलेगा।