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समाज को पतन से बचाएगा ‘घर-घर जाकर जागृति करने काउंसलर’ का संकल्प: परभणी में 22 मानसिक स्वास्थ्य योद्धा सम्मानित, ‘आध्यात्मिक परामर्श केंद्र’ का शुभारंभ

ब्रह्माकुमारीज़ और YCMOU के संयुक्त तत्वावधान में एडवांस डिप्लोमा के विद्यार्थियों का दीक्षांत समारोह संपन्न; विलियम शेक्सपीयर से लेकर संत मुक्ताबाई के विचारों से सजी ज्ञान सभा।




परभणी (महाराष्ट्र)-
वर्तमान समय में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, अवसाद और मानसिक असंतुलन जैसी वैश्विक चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए आध्यात्मिक मूल्यों से लैस प्रशिक्षित परामर्शदाताओं (काउंसलर्स) की आवश्यकता सबसे अधिक है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय (YCMOU), नासिक तथा राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (शिक्षा प्रभाग, माउंट आबू) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘एडवांस डिप्लोमा इन काउंसलिंग एंड मेंटल हेल्थ’ पाठ्यक्रम के सफल 22 विद्यार्थियों का भव्य सम्मान एवं प्रमाण-पत्र वितरण समारोह ब्रह्माकुमारीज़ के स्थानीय सेवाकेंद्र ‘ओम निवास’ (वसमत रोड) में अत्यंत उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता परभणी ब्रह्माकुमारीज़ की संचालिका राजयोगिनी बी.के. अर्चना दीदी ने की। इस ऐतिहासिक अवसर पर शिक्षाविद्, मनोचिकित्सक और वरिष्ठ पत्रकारों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
● महापुरुषों के विचारों से जीवन को दिशा देने का आह्वान:
श्री शिवाजी महाविद्यालय के रजिस्ट्रार श्री विजय मोरे ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि यह पाठ्यक्रम केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि बिखरते जीवनों को समेटने का महा-अभियान है। उन्होंने महान साहित्यकार विलियम शेक्सपीयर, महाराष्ट्र की पावन धरा की संत मुक्ताबाई तथा संत जनाबाई के दिव्य विचारों का संदर्भ देते हुए कहा कि समाज में आत्मविश्वास फूंकने के लिए मूल्यनिष्ठ काउंसलर्स की भूमिका आज रीढ़ की हड्डी के समान है।
● हर काउंसलर अपनाए ‘3C’ का सिद्धांत:
YCMOU के नोडल अधिकारी प्रो. बी.के. विकास एल. सालुंखे ने काउंसलिंग क्षेत्र के व्यावसायिक अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक काउंसलर को अपने जीवन में ‘3C’ यानी Checking (जांचना), Catching (कमियों को पकड़ना) और Changing (परिवर्तन लाना) के सिद्धांत को उतारना होगा। जब हम स्वयं में बदलाव लाएंगे, तभी समाज को बदल पाएंगे।
यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ और मानसिक स्वास्थ्य:
पी.वी.जी. इंजीनियरिंग कॉलेज (नासिक) के प्रो. सतीश भदाणे ने तकनीकी शिक्षा में ‘यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़’ के साथ काउंसलिंग को जोड़ने पर बल दिया। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘नवभास्कर’ के संपादक श्री सुरेंद्र पाथ्रीकर ने कहा कि आज की आपाधापी भरी जीवनशैली में ऐसे पाठ्यक्रम समय की सबसे बड़ी मांग हैं।
राजयोग मेडिटेशन से आंतरिक सशक्तिकरण:
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राजयोगिनी बी.के. अर्चना दीदी ने कहा कि एक सच्चा काउंसलर वह है जो सामने वाले के दर्द को बिना किसी निर्णय के, धैर्यपूर्वक सुने और उसे सही राह दिखाए। ब्रह्माकुमारीज़ पिछले कई दशकों से समाज की निःशुल्क सेवा कर रही है और अब ये प्रमाणित काउंसिलर्स इस सेवा को और अधिक वैज्ञानिक व प्रभावी बनाएंगे। बी.के. सीमा दीदी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि आज आत्महत्या और गहरे अवसाद से टूट रहे लोगों को समय पर सहारा देना जरूरी है। एक व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य सुधरने से पूरा परिवार बच जाता है।
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विशेष आकर्षण: प्रथम बार निःशुल्क ‘आध्यात्मिक परामर्श केंद्र’ का आगाज़
इस कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव ब्रह्माकुमारीज़, ओम निवास में ‘निःशुल्क आध्यात्मिक परामर्श केंद्र’ (Free Spiritual Counseling Centre) का उद्घाटन रहा। यहाँ पर प्रमाणित काउंसलर्स द्वारा निम्नलिखित समस्याओं के लिए पूर्णतः गोपनीय, विश्वसनीय और निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा:
– तनाव, चिंता, अनिद्रा और गहरा अवसाद (Depression)
– आत्मविश्वास की कमी और एकाग्रता का अभाव
– पारिवारिक मतभेद और आपसी रिश्तों का बिखराव
– राजयोग मेडिटेशन द्वारा सकारात्मक सोच और संतुलित जीवन का प्रशिक्षण
नागरिक इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाने या अपॉइंटमेंट के लिए मोबाइल नंबर 7083314832 पर संपर्क कर सकते हैं।
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कार्यक्रम के अंतिम चरण में नए शैक्षणिक सत्र के प्रवेश की घोषणा भी की गई। मंच संचालन प्रो. प्रभा अंतवाल ने बेहद कुशलता से किया तथा वरिष्ठ राजयोगी प्रो. बी.के. तांदळे भाई ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश:
“‘ज्ञानगंगा घर-घर’ के साथ अब समय की आवश्यकता है — ‘काउंसलर घर-घर’। प्रशिक्षित काउंसलर ही मानसिक रूप से सशक्त, शांत और स्वस्थ समाज के सच्चे निर्माता हैं।”
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