गद्दारों पर कोड़ा बरसाने का काम कार्यकर्ता करें: उद्धव ठाकरे का आह्वान: शिवसेना हिंदुत्व की विचारधारा पर कायम

परभणी, 28 जून:
“जनता का शिवसेना से अगाध प्रेम है, इसी वजह से यह निर्वाचन क्षेत्र लगातार शिवसेना के साथ खड़ा रहा है। इसके बावजूद, चुने हुए जनप्रतिनिधियों के गद्दार (विश्वासघाती) बनने की एक परंपरा सी चल पड़ी है। लेकिन अब इन गद्दारों को उखाड़ फेंकने के लिए कार्यकर्ताओं को महात्मा फुले का ‘कोड़ा’ चलाना होगा,” ऐसा आह्वान शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को यहाँ किया।
अक्षदा मंगल कार्यालय में आयोजित निष्ठावान कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में पक्ष प्रमुख ठाकरे ने शिवसेना से बगावत करने वाले छह सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि शिवसेना के कारण ही दो कमरों के टिन शेड वाले मकान से हजारों करोड़ के मालिक बनने वालों को केवल स्वार्थ सूझ रहा है। लेकिन जनता उन्हें सबक सिखाए बिना नहीं रहेगी, ऐसा विश्वास जताते हुए उन्होंने सांसद संजय जाधव की ओर इशारा किया।
देश में भाजपा द्वारा शुरू की गई तोड़फोड़ की राजनीति पर उन्होंने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने उल्लेख किया कि आंतरिक गुटबाजी शिवसेना में नहीं बल्कि भाजपा में बड़े पैमाने पर चल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भविष्य में प्रधानमंत्री पद के दावेदार न बन सकें, इसीलिए उनके पंख कतरने की प्रक्रिया शुरू है।
ठाकरे ने आगे कहा, “इस देश में संविधान के प्रावधानों का बहुत बड़ा महत्व है और छह सांसदों द्वारा बनाया गया गुट संवैधानिक रूप से सही नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए, संविधान के आधार पर लोकसभा अध्यक्ष को इन सभी छह सांसदों को अयोग्य घोषित करने की प्रक्रिया करनी चाहिए, अन्यथा यही माना जाएगा कि इस देश में कानून का पालन नहीं हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि इन 6 सांसदों ने बालासाहेब के विचारों के साथ विश्वासघात किया है। पिछले लोकसभा चुनाव में हमें सांसद जाधव और विधायक डॉ. राहुल पाटिल पर बड़ा भरोसा था। लेकिन खुद को बाघ समझने वाला ‘बंडू जाधव’ केवल बाघ की खाल ओढ़े हुए था, इसीलिए वह भाग गया, ऐसा तंज भी ठाकरे ने कसा। उन्होंने कहा, “जनता के विकास के नाम पर अपने निजी कोष के लिए विचारधारा से गद्दारी करने वाले ये गधे प्राइवेट विमान में दलालों के साथ घूम रहे थे। ये जनता का क्या भला सोचेंगे?” इसके साथ ही उन्होंने सभी को आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में किसानों की समस्याएं जस की तस हैं, उन्हें अभी तक फसल बीमा नहीं मिला है। यह सरकार आर्थिक रूप से कंगाल होने लगी है और अगले दो-तीन महीनों में राज्य की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमराई हुई दिखेगी।
भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो भाजपा कभी केवल दो जनप्रतिनिधियों पर टिकी थी, हमारे साथ आकर सफलता मिलने के बाद उसने हमें ही समाप्त करने की कोशिश की। उसी समय हमें उनसे अलग हो जाना चाहिए था। राम के नाम पर वोट मांगकर दुकान चलाने वाले ये लोग अब वहां भी भ्रष्टाचार करके ‘बाबर की पार्टी’ बन गए हैं। ऐसी पार्टी को गद्दार समर्थन दे रहे हैं। गद्दारों को लगी गद्दारी की यह बीमारी परभणी का दुर्भाग्यपूर्ण इतिहास है, लेकिन साथ ही यह महाराष्ट्र का भी अपमान है। इसलिए इन गद्दारों को दफन करने का काम जनता को ही करना होगा, ऐसा आह्वान भी ठाकरे ने किया।
शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि कई ‘पांडू-बंडू’ आए और गए, लेकिन शिवसेना को कोई फर्क नहीं पड़ा है। अब ‘ऑपरेशन टाइगर’ नहीं बल्कि ‘ऑपरेशन प्रभु श्री राम’ शुरू हो गया है। राम मंदिर की दान पेटियां चुराकर करोड़ों रुपये हड़पने का काम भाजपा ने किया है। ऐसे लोगों का साथ हमारे गद्दार दे रहे हैं। इसलिए ऐसे गद्दार जहां भी दिखें, उन्हें सबक सिखाएं (तुड़वाएं), इसके लिए किसी आदेश का इंतजार न करें।
विधायक डॉ. राहुल पाटिल ने अपने प्रास्ताविक भाषण में सांसद जाधव पर तीखा हमला करते हुए कहा कि हर चुनाव में हमें पर्दे के पीछे से हराने की कोशिश करने वाले सांसद जाधव स्वार्थ के लिए भाग गए। लेकिन अगर कोई हमारे खिलाफ या कार्यकर्ताओं के खिलाफ सामने आया, तो हम उसे करारा जवाब देंगे (सींगों पर लेंगे), ऐसा अल्टीमेटम भी उन्होंने दिया।
मंच पर शिवसेना युवा नेता आदित्य ठाकरे, पूर्व सांसद चंद्रकांत खैरे, सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, विनायक राउत, अंबादास दानवे, महापौर सैयद इकबाल, डॉ. विवेक नावंदर, कल्याण रेंगे पाटिल, पूर्व विधायक मीराताई रेंगे पाटिल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
