
परभणी / विशेष प्रतिनिधि:
चिकित्सा और नैनो-प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध करने वाले ‘आईआईटी मंडी’ के शोधकर्ता गणेश फुलमोगरे और अमित जैसवाल के नाम भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा आधिकारिक पेटेंट मंजूर किया गया है. रक्तस्राव को तत्काल रोकने और जीवाणुओं का प्रादुर्भाव रोकने वाली विशेष मलहमपट्टी (ड्रेसिंग कम्पोजिट) विकसित करने के लिए यह पेटेंट प्रदान किया गया है.
भारत सरकार के बौद्धिक संपदा कार्यालय (Patent Office, Government of India) की ओर से पेटेंट प्रमाण पत्र आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है.
पेटेंट की प्रमुख जानकारी
- पेटेंट क्रमांक: 608688
- अर्ज क्रमांक: 202611024133
- शोधकर्ताओं के नाम: गणेश फुलमोगरे और अमित जैसवाल
- संस्था: इंडियन इन्स्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), मंडी
- शोध का विषय: ‘Cationic Pullulan-Based Nanofibrous Hemostatic and Antibacterial Dressing Composite, and Method of Preparation Thereof’
- पंजीकरण व मंजूरी: 28 फरवरी 2026 को दाखिल किए गए इस संशोधन को 5 नवंबर 2026 को 20 वर्ष की अवधि के लिए आधिकारिक पेटेंट प्रदान किया गया है.
शोध का महत्त्व…
दुर्घटना के समय या शल्यक्रिया (सर्जरी) के दौरान अतिरक्तस्राव रोकना और घाव में इन्फेक्शन (जीवाणुओं का संक्रमण) न होने देना चिकित्सीय शास्त्र की बड़ी चुनौती माना जाता है. इस पर मात पाने के लिए गणेश फुलमोगरे और उनके सहयोगियों ने कैटायनिक पुलुलन पर आधारित नैनोफाइब्रस हेमोस्टेटिक और एंटीबैक्टीरियल कम्पोजिट तकनीक विकसित की है.
- यह तकनीक गंभीर जख्म भर कर निकालने के लिए और मरीजों के प्राण बचाने के अत्यंत प्रभावी साबित होने वाली है.
इस सफलता पर गणेश फुलमोगरे का विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों, शोधक वर्ग और रिश्तेदारों द्वारा मनःपूर्वक कौतुक व अभिनंदन किया जा रहा है.