स्वच्छता ही सेवा’ अभियान में सक्रिय भागीदारी दर्ज कराएं-
‘
- परभणी जिले में 17 सितंबर 2026 से शुरू होगा ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान
- अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दिशा-निर्देश जारी
परभणी 16 सितंबर
ग्रामीण स्तर पर स्वच्छता, सीवेज तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को सुदृढ़ करने और नागरिकों के बीच स्वच्छता के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जिले भर में 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान चलाया जाएगा। केंद्र व राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित होने वाले इस अभियान की मुख्य थीम ‘स्वच्छता में सहभागिता, स्वच्छ भारत, विकसित भारत’ रखी गई है। जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नतिशा माथुर ने जिले की सभी ग्राम पंचायतों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।
जिला जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा संबंधित अधिकारियों को अभियान के शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
प्रमुख गतिविधियां एवं रूपरेखा:
-
- कचरा स्थलों की पहचान व सौंदर्यीकरण: गांवों के उपेक्षित तथा कचरा जमा होने वाले सार्वजनिक स्थलों को चिन्हित कर उनकी ‘जियो-टैगिंग’ की जाएगी। इसके पश्चात उन स्थानों की व्यापक सफाई कर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
- छात्रों में जागरूकता: स्कूलों और कॉलेजों में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए ‘स्वच्छता ज्ञान यात्रा’, ‘स्वच्छता संवाद’, विविध प्रतियोगिताओं तथा RRR (रिड्यूस, रीयूज, रिसाइकिल) संबंधी गतिविधियों का आयोजन होगा।
- सफाई मित्रों का सम्मान: 30 सितंबर 2026 को ‘सफाई मित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा। इसके तहत सफाई कर्मियों का स्वास्थ्य परीक्षण, सुरक्षा उपकरणों का वितरण तथा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जाएगा।
- कचरे से कला: अपशिष्ट से उपयोगी और कलात्मक वस्तुएं तैयार करने हेतु ‘वेस्ट टू वेल्थ’ एवं ‘वेस्ट टू आर्ट’ पहलों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।
संदेश:
” ‘स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के तहत जिले की सभी ग्राम पंचायतें ‘एक दिन, एक घंटा, एक साथ’ श्रमदान अभियान चलाएं। स्वच्छ भारत दिवस के उपलक्ष्य में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाए तथा ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत पौधरोपण कर अभियान को सफल बनाएं।”
— नतिशा माथुर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, परभणी
अपील:
“अभियान से जुड़े दैनिक कार्यक्रमों की प्रगति रिपोर्ट और तस्वीरें आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी। सभी विभाग, ग्राम पंचायतें, शिक्षण संस्थान, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम नागरिक इस राष्ट्रव्यापी अभियान में उत्साहपूर्वक भाग लें।”
— जयंत गाढ़े, परियोजना निदेशक, जल जीवन मिशन
