
परभणी (विशेष संवाददाता): स्थानीय शारदा महाविद्यालय के हिंदी विभाग के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी १५ सितंबर को ‘हिंदी दिवस’ समारोह का गरिमामयी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. बबन पवार ने की।
समारोह का शुभारंभ मंचस्थ अतिथियों द्वारा उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. वैशाली देशपांडे ने प्रास्ताविक संबोधन देते हुए विभाग द्वारा वर्षभर आयोजित की जाने वाली विभिन्न शैक्षणिक व साहित्यिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभाग के मेधावी छात्र शेख अमन जीशान एवं छात्रा कु. संध्या भालेराव द्वारा निर्मित ‘हिंदी में रोजगार के अवसर’ विषयक विशेष भित्ति-पत्रिका (वॉल पोस्टर) का अतिथियों के कर-कमलों द्वारा विधिवत विमोचन किया गया। मंच पर उप-प्राचार्य प्रो. डॉ. श्यामसुंदर वाघमारे तथा आईक्यूएसी (IQAC) समन्वयक प्रो. डॉ. संतोष नाकाडे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. बबन पवार ने मानव जीवन और राष्ट्र निर्माण में भाषा की अपरिहार्य भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने राजभाषा हिंदी के स्वरूप, उसकी व्यापकता और वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उसके व्यावहारिक महत्व को सटीक रूप से प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने ज्ञानवर्धक भित्ति-पत्रिका तैयार करने वाले विद्यार्थियों के प्रयास की सराहना करते हुए सभी को हिंदी दिवस की बधाई दी।
समारोह में प्रो. डॉ. सुनील बल्लाळ, प्रो. डॉ. नितिन बावले, प्रो. डॉ. आर. पी. देशपांडे, प्रो. डॉ. उज्ज्वला जगताप, प्रो. डॉ. स्वाति कुलकर्णी, प्रो. डॉ. डी. बी. मुंढे तथा प्रो. डॉ. सचिन खडके सहित अन्य प्राध्यापक उपस्थित थे। आयोजन की सफलता में प्रो. डॉ. आर. आर. कांबले, प्रो. डॉ. अविनाश पांचाल, सुरेश जयपुरकर, संतोष एडके और राजाराम मुत्रटकर ने सक्रिय योगदान दिया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन और आभार प्रदर्शन प्रो. डॉ. एच. डी. शेवाले ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
