
परभणी:
परभणी महानगरपालिका के अधिकारी व कर्मचारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विगत आठ दिनों से अनिश्चितकालीन ‘काम रोको’ आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार, 18 अगस्त को आंदोलन को और अधिक तीव्र करते हुए कर्मचारी संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुंबई स्थित आजाद मैदान में धरना-प्रदर्शन किया। परभणी के महापौर सैयद इकबाल सैयद खाजा ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांगों को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
इसी क्रम में, पालक मंत्री मेघना बोर्डीकर एवं विधायक डॉ. राहुल पाटिल के साथ महापौर सैयद इकबाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भेंट कर उन्हें नगर निगम कर्मचारियों की मांगों का ज्ञापन सौंपा। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महानगरपालिका अधिकारी-कर्मचारी संगठन, सफाई कर्मचारी संगठन तथा सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में 10 अगस्त से यह कार्य बहिष्कार जारी है। महापौर द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि मंगलवार को इस आंदोलन का नौवां दिन था, जबकि 17 अगस्त से आंदोलन का विस्तार मुंबई के आजाद मैदान तक कर दिया गया है।
अतिरिक्त जीएसटी अनुदान की प्रमुख मांग
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि परभणी महानगरपालिका को वर्धित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अनुदान और अनुदान अंतर की बकाया राशि का तत्काल आवंटन किया जाए। संगठन का कहना है कि विगत पांच महीनों से वेतन एवं सेवानिवृत्ति पेंशन का भुगतान न होने से कर्मचारियों के समक्ष गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक वेतन की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।
महापौर ने मुख्यमंत्री को सौंपे पत्र में महानगरपालिका द्वारा प्रस्तुत वर्धित जीएसटी अनुदान प्रस्ताव को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है, ताकि कर्मियों के वेतन का संकट स्थायी रूप से हल हो सके।
नागरिक सुविधाएं बाधित
कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण शहर की नियमित स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट) व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक जनसुविधाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। वर्षा ऋतु का समय होने के कारण नागरिकों की असुविधा और अधिक बढ़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
परभणी में नगर निगम मुख्यालय के समक्ष भी कर्मचारियों का क्रमिक धरना निरंतर जारी है, जिसमें भारी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी सम्मिलित हो रहे हैं।
पांच वर्षों के लिए प्रति माह पांच करोड़ के विशेष विकास कोष की मांग
इसके अतिरिक्त, महापौर सैयद इकबाल ने मुख्यमंत्री के समक्ष परभणी महानगरपालिका के समग्र विकास हेतु एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा। उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए आगामी पांच वर्षों तक प्रति माह पांच करोड़ रुपये का ‘विशेष विकास कोष’ स्वीकृत करने का अनुरोध किया।
ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि परभणी ‘डी’ श्रेणी की महानगरपालिका है और तीव्र गति से बढ़ती जनसंख्या के कारण नागरिक सुविधाओं की मांग में भी भारी वृद्धि हुई है। शहर में सड़कों, नालियों, वर्षा जल निकासी, मल-निसारण (सीवरेज), नियमित स्वच्छता, उद्यानों एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसी मूलभूत ढांचागत परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धनराशि की नितांत आवश्यकता है। प्रतिमाह पांच करोड़ रुपये का विशेष कोष उपलब्ध होने से शहर के समस्त लंबित व महत्वपूर्ण विकास कार्यों को योजनाबद्ध ढंग से पूर्ण कर नागरिकों को उच्चस्तरीय सुविधाएं प्रदान की जा सकेंगी।
