मुंबई, 24 अगस्त:
यकृत प्रत्यारोपण (लिवर ट्रांसप्लांट), कर्क रोग (कैंसर) तथा मस्तिष्क शल्यचिकित्सा (ब्रेन सर्जरी) जैसे अत्यंत व्ययसाध्य एवं जटिल उपचारों के लिए ‘मुख्यमंत्री सहायता कोष’ एवं ‘टाटा ट्रस्ट’ के मध्य हुआ ऐतिहासिक समझौता राज्य के निर्धन रोगियों के लिए वरदान सिद्ध हो रहा है। इस द्विपक्षीय समझौते के फलस्वरूप आर्थिक रूप से निर्बल वर्ग के रोगियों को समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो रही है, जिससे पीड़ित परिवारों में संतोष व्याप्त है।
समझौता लागू होने के मात्र छह महीनों के भीतर राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के 9 गंभीर रोगियों हेतु ₹89,60,301 की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से यकृत प्रत्यारोपण, कैंसर प्रबंधन तथा न्यूरोसर्जरी जैसे अत्यधिक महंगे उपचार संभव हो सके हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सहायता कोष, धर्मादा चिकित्सालय सहायता प्रकोष्ठ (चैरिटी हॉस्पिटल हेल्प डेस्क) तथा टाटा ट्रस्ट के मध्य 12 फरवरी 2026 को यह औपचारिक सहमति-पत्र हस्ताक्षरित किया गया था। इस योजना के अंतर्गत राज्य के 150 जरूरतमंद रोगियों को असाध्य एवं गंभीर रोगों के उपचार हेतु वित्तीय संबल प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित है। इसी क्रम में अन्य प्रतिष्ठित जनकल्याणकारी संस्थाओं के साथ भी समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिससे व्यापक स्तर पर रोगियों को लाभ मिलेगा।
इस पहल के माध्यम से शासन, सामाजिक संस्थाओं और चिकित्सा क्षेत्र के मध्य समन्वय स्थापित कर आर्थिक अभाव के कारण उपचार से वंचित रहने वाले निर्धन नागरिकों को नवजीवन प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कुशल मार्गदर्शन में यह महत्वपूर्ण अनुबंध संपन्न हुआ है। इसी प्रारूप पर अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के साथ भी अनुबंध किए जा रहे हैं, ताकि धन के अभाव में किसी भी नागरिक का उपचार न रुके। मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं धर्मादा चिकित्सालय प्रकोष्ठ इस दिशा में निरंतर कार्यरत है। सहायता हेतु जरूरतमंद नागरिक निःशुल्क संपर्क संख्या (टोल-फ्री नंबर) 1800 123 2211 पर संपर्क कर सकते हैं।
— रामेश्वर नाईक, प्रमुख, मुख्यमंत्री सहायता कोष एवं धर्मादा चिकित्सालय सहायता प्रकोष्ठ
