
परभणी (विशेष प्रतिनिधि):
क्रीड़ा एवं युवा सेवा निदेशालय, महाराष्ट्र राज्य (पुणे) द्वारा ‘मिशन लक्षवेध’ योजना का क्रियान्वयन किया गया है। इस योजना के माध्यम से ओलंपिक स्तर पर खेले जाने वाले 12 खेल प्रकारों पर ध्यान केंद्रित करने की शासन की नीति है। इस उपक्रम के अंतर्गत राज्य के खेल एवं खिलाड़ी, क्रीड़ा प्रशिक्षण प्रणाली, खेल संबंधी आधारभूत संरचना, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन, क्रीड़ा चिकित्साशास्त्र, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन व पुरस्कार, आजीविका (करियर) मार्गदर्शन तथा खिलाड़ियों के क्षमता विकास हेतु देशी-विदेशी संस्थाओं के सहयोग जैसे विविध घटकों का विकास किया जाएगा।
यह योजना त्रिस्तरीय व्यवस्था पर आधारित है, जिसे राज्य स्तर पर ‘उच्च प्रदर्शन केंद्र’ (हाई परफॉर्मेंस सेंटर), संभाग स्तर पर ‘क्रीड़ा उत्कृष्टता केंद्र’ (स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर) तथा जिला स्तर पर ‘क्रीड़ा प्रतिभा विकास केंद्र’ के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
’मिशन लक्षवेध’ योजना के तहत परभणी जिले के क्रीड़ा प्रतिभा विकास केंद्र द्वारा एथलेटिक्स, कुश्ती तथा टेबल टेनिस—इन तीन खेलों में प्रत्येक के लिए २०-२० खिलाड़ियों का चयन किया गया है। जिला स्तरीय इन केंद्रों के माध्यम से पात्र एवं मेधावी खिलाड़ियों को संबंधित खेलों में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण केंद्र क्रियान्वित किए गए हैं।
टेबल टेनिस प्रशिक्षण का उद्घाटन उत्तम लटपटे ने किया। एथलेटिक्स प्रशिक्षण का शुभारंभ आण्णा डिघोळे द्वारा तथा कुश्ती प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला क्रीड़ा अधिकारी गीता साखरे द्वारा किया गया।
इस अवसर पर धनंजय बनसोडे, पुरोहित सर, राजू डिघोळे, संजय मुंढे, कल्याण पोले, सुयश नाटकर, रोहन औढेकर, गजानन तुडमे सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन सुयश नाटकर ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय के राज्य क्रीड़ा मार्गदर्शक संजय मुंढे, तहसील क्रीड़ा अधिकारी कल्याण पोले, क्रीड़ा अधिकारी सुयश नाटकर, क्रीड़ा अधिकारी रोहन औढेकर, कनिष्ठ लिपिक गजानन तुडमे, धीरज नाईकवाडे, योगेश आदमे तथा प्रकाश पंडित का सराहनीय योगदान रहा।
