
परभणी: वसंतराव नाइक मराठवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय, परभणी में 5 अगस्त 2026 को ‘विकसित भारत 2047 – नशामुक्त युवा’ अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) विभाग, अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (कृषि में महिलाएँ), सामाजिक न्याय व विशेष सहायता विभाग तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की अधिष्ठाता एवं केंद्र समन्वयक डॉ. नीता गायकवाड़ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. प्रभा अंतवाल तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी संस्थान की बी.के. सीमा बहनजी एवं बी.के. नेहा बहनजी गरिमामयी उपस्थिति में उपस्थित रहीं।
विकसित भारत 2047: ‘नशामुक्त युवा’ जागरूकता कार्यक्रम उत्साह के साथ संपन्न
मुख्य वक्ता बी.के. सीमा बहनजी ने युवाओं को व्यसनमुक्त जीवनशैली अपनाने तथा स्वस्थ, सुसंस्कृत एवं उत्तरदायी नागरिक बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने में व्यसनमुक्त युवा शक्ति की भूमिका सर्वोपरि है। किसी भी वस्तु अथवा अभ्यास की अति व्यसन का रूप धारण कर लेती है, जिसका शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वर्तमान समय में तंबाकू एवं नशीले पदार्थों के साथ-साथ डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक प्रयोग भी गंभीर चिंता का विषय है।
मित्रों के कुप्रभाव, मानसिक तनाव एवं असंतुलित दिनचर्या को युवाओं में बढ़ते व्यसन का मुख्य कारण बताते हुए उन्होंने परिवार, शिक्षक एवं समाज से मिलकर जनजागरण करने की आवश्यकता पर बल दिया। ध्यान के माध्यम से व्यक्ति अपनी अंतर्निहित शक्तियों को पहचानकर आत्मनियंत्रण प्राप्त कर सकता है; इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को ध्यान का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया।
प्रस्तावना प्रस्तुत करते हुए डॉ. प्रभा अंतवाल ने कहा कि मादक पदार्थों की भाँति डिजिटल साधनों की लत भी समाज के समक्ष एक विकराल चुनौती बनती जा रही है। इससे मुक्ति हेतु सकारात्मक चिंतन, संयम तथा ध्यान का मार्ग अपनाना अपरिहार्य है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समस्त विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को ‘नशामुक्त भारत’ के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प एवं शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. शंकर पुरी ने उपस्थित अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं विद्यार्थियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन श्री कैलाश जोंधले (यंग प्रोफेशनल) ने किया।
इस आयोजन को सफल बनाने में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुनीलदत्त जक्कावाड़, श्री शेख सादेक, श्री चंद्रप्रकाश लहाड़े, श्री विकास शिक्रे एवं श्रीमती सादिया यासमीन ने विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।