Uncategorized

टीईटी परीक्षा पेपर लीक मामले के विरोध में अभाविप का तीव्र आंदोलन

दोषियों पर कठोर कार्रवाई एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग

परभणी: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) परभणी महानगर इकाई की ओर से महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पेपर लीक मामले के विरोध में श्री शिवाजी महाविद्यालय के समक्ष तीव्र प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए पूरे परिसर को गुंजायमान कर दिया।

​”पेपर लीक को संरक्षण देने वालों को दंड मिलना ही चाहिए!”, “टीईटी पेपर लीक की उच्च स्तरीय जांच करो!”, “विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को क्षमा नहीं!” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।

​इस अवसर पर अभाविप की महानगर मंत्री गायत्री लाड ने कहा कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के संभावित पेपर लीक के कारण परीक्षा स्थगित किया जाना राज्य की परीक्षा व्यवस्था की बहुत बड़ी विफलता है। लाखों विद्यार्थी कई महीनों से निष्ठापूर्वक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ऐसे में उनके भविष्य के साथ इस प्रकार का खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कठोर आपराधिक (फौजदारी) कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, संपूर्ण प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित सभी दोषियों को कठोर दंड दिया जाए।

​अभाविप ने कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में महाराष्ट्र सहित देश भर की विभिन्न भर्तियों, प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं में निरंतर पेपर लीक और अनियमितताएं उजागर हो रही हैं। इसके कारण विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर से विश्वास डगमगा गया है। प्रत्येक बार जांच की घोषणा की जाती है; परंतु ऐसी घटनाएं बार-बार होने से यह स्पष्ट हो रहा है कि शासन की परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था प्रभावी नहीं है।

​अभाविप ने उल्लेख किया कि परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का उपयोग, डिजिटल ट्रैकिंग, सुदृढ़ साइबर सुरक्षा, उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने वाली प्रणाली और स्वतंत्र निगरानी तंत्र को तत्काल प्रभाव से लागू करने की आवश्यकता है। केवल दोषियों को बंदी (अरेस्ट) बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, अपितु भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल और दीर्घकालिक सुधार करना अत्यंत आवश्यक है।

​इस अवसर पर अभाविप देवगिरी प्रांत के सह-मंत्री सुशांत एकोर्गे ने कहा कि महाराष्ट्र में पुनः एक बार पेपर लीक की घटना होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह शिक्षा व्यवस्था की विफलता का परिचायक है। विद्यार्थियों के भविष्य से संबंधित परीक्षा राज्य की शैक्षणिक व्यवस्था का आधारशिला होती है। यदि यह आधारशिला ही बार-बार ढह रही है, तो इसकी संपूर्ण उत्तरदायित्व शासन और संबंधित तंत्र पर आता है। विद्यार्थियों का परीक्षा व्यवस्था पर विश्वास पुनः स्थापित करने के लिए शासन केवल आश्वासन न देकर ठोस, परिणामोन्मुखी और दीर्घकालिक उपाय तत्काल क्रियान्वित करे; अन्यथा विद्यार्थियों का आक्रोश और तीव्र होगा।

अभाविप की मुख्य मांगें:

  • ​टीईटी पेपर लीक प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की जाए।
  • ​पेपर लीक गिरोह (रैकेट) के सभी दोषियों पर कठोर आपराधिक कार्रवाई की जाए।
  • ​विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की नवीन तिथि शीघ्र घोषित की जाए।
  • ​विद्यार्थियों पर पड़ने वाले आर्थिक और मानसिक भार को न्यून (कम) करने के लिए आवश्यक उपाय किए जाएं।
  • ​राज्य की सभी प्रतियोगी एवं पात्रता परीक्षाओं के लिए पारदर्शी, तकनीक-आधारित और सुरक्षित परीक्षा प्रबंधन प्रणाली तत्काल लागू की जाए।

​इस आंदोलन में अभाविप देवगिरी प्रांत के सह-मंत्री सुशांत एकोर्गे, महानगर मंत्री गायत्री लाड, जिला संयोजक दर्शन देशमुख, महानगर सह-मंत्री ऋषिकेश झाड़े, जिला छात्रा प्रमुख अमरजा नारवडकर सहित भारी संख्या में विद्यार्थी सम्मिलित हुए।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button