
परभणी (प्रतिनिधि): परभणी जिले के लंबित 17 राजस्व मंडलों के फसल बीमा मामले में बीमा कंपनी द्वारा दर्ज आपत्तियों (डिस्प्यूट) को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति ने नामंजूर कर दिया है। इससे उन 17 राजस्व मंडलों के लंबित बीमा दावों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह जानकारी विधायक राजेश विटेकर ने दी है।
कृषि विभाग ने संशोधित उत्पादन की जानकारी NCIP पोर्टल पर अपलोड करने और बीमा कंपनी को इसे मंजूरी देने की अनुमति दे दी है।
समिति द्वारा जारी पांच पन्नों के STAC आदेश में 17 राजस्व मंडलों के सभी पात्र दावों का तुरंत निपटारा करने के निर्देश दिए गए हैं; साथ ही, किसानों को फसल बीमा की राशि प्रदान करने का आदेश दिया गया है।
विधायक राजेश विटेकर द्वारा 13 मई 2026 को इस संबंध में आयोजित बैठक में कृषि मंत्री दत्ता मामा भरणे, विधायक रत्नाकरराव गुट्टे, कृषि सचिव परिमल सिंह, कृषि आयुक्त सूरज मांढरे और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
फसल बीमा कंपनी ने कुछ तकनीकी आधारों का हवाला देते हुए परभणी जिले के 17 राजस्व मंडलों के किसानों के फसल बीमा को अटका कर रखा था, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए थे। हालांकि, छत्रपति संभाजीनगर के संभागीय आयुक्त ने बीमा कंपनी के दावे को खारिज कर दिया था। इस मामले में राज्य स्तरीय तकनीकी सलाहकार समिति को हस्तक्षेप कर अंतिम निर्णय लेते हुए किसानों को न्याय देने की मांग उस बैठक में की गई थी।
इसके बाद, राज्य स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा दिए गए इस आदेश के कारण अब उन 17 राजस्व मंडलों के किसानों के खातों में बीमा राशि यानी पैसे जमा होने की प्रबल संभावना बन गई है।
लंबित 17 राजस्व मंडल निम्नलिखित हैं..
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