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औरंगाबाद विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रतापसिंह पाटील १८हजार १२४ वोटों से विजयी

३९ उम्मीदवारों के बाहर होने के बाद अंतिम परिणाम घोषित; जीत के लिए आवश्यक मतों का कोटा कोई भी उम्मीदवार नहीं कर पाया पूरा

​रिटर्निंग ऑफिसर जी. श्रीकांत के हाथों तड़के ५ बजकर १० मिनट पर जीत का प्रमाण पत्र प्रदान

​लगातार ४५ घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना; अधिकारियों और कर्मचारियों के आपसी समन्वय से पूरी हुई प्रक्रिया

​छत्रपती संभाजीनगर, परभणी —विधान परिषद के ०५-औरंगाबाद विभाग पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार पार्टी के उम्मीदवार डॉ. प्रतापसिंह वेदप्रकाश पाटील १८हजार १२४ मतों से विजयी हुए हैं। उन्हें ८५,८७६ वोट मिले, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सतीश भानुदासराव चव्हाण को ६७हजार ७५२ वोट प्राप्त हुए। वरीयता क्रम के अनुसार ३९ उम्मीदवारों के निष्कासन और मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतगणना में डॉ. पाटील ने सर्वाधिक वोट हासिल किए। भारत निर्वाचन आयोग से परिणामों से संबंधित आगामी प्रक्रिया की मंजूरी मिलने के बाद, गुरुवार, २९ अक्टूबर को तड़के ५ बजकर १० मिनट पर रिटर्निंग ऑफिसर तथा संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत ने डॉ. पाटील को विजयी घोषित किया।

​रिटर्निंग ऑफिसर जी. श्रीकांत ने डॉ. प्रतापसिंह पाटील को जीत का प्रमाण पत्र सौंपा। इस अवसर पर चुनाव प्रेक्षक श्रीमती माधवी खोडे-चवरे, संबंधित जिलों के जिलाधिकारी, जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

​छत्रपती संभाजीनगर के चिकलठाणा एमआईडीसी क्षेत्र स्थित रेसोनेट लॉजिस्टिक्स एलएलपी में संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत और चुनाव प्रेक्षक श्रीमती माधवी खोडे-चवरे की देखरेख में मतगणना संपन्न हुई। छत्रपती संभाजीनगर, जालना, बीड, परभणी, हिंगोली, नांदेड, लातूर और धाराशिव – इन आठ जिलों के ८४२ मतदान केंद्रों पर हुए इस चुनाव में ४१ उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना के लिए ७० टेबल लगाए गए थे।

​वैध वोटों के आधार पर ८८हजार ५५८ वोटों का कोटा तय

​मतगणना की शुरुआत में मतपत्रों की जांच और वर्गीकरण किया गया। इसके बाद पहली वरीयता के वोटों की गिनती तीन चरणों में पूरी हुई। पहले चरण में ७०हजार ५१९ और दूसरे चरण के अंत तक कुल १लाख ४०हजार ५४३ मतपत्रों की गिनती की गई। मतगणना के आंकड़ों के अनुसार कुल १लाख ७७हजार ११५ वोट वैध, जबकि १६हजार ५४० वोट अवैध पाए गए। वैध मतों के आधार पर जीत के लिए ८८हजार ५५८ मतों का कोटा निर्धारित किया गया था।

​पहली वरीयता के मतों की गिनती के अंत तक डॉ. प्रतापसिंह पाटील को ७३हजार ९३१, सतीश चव्हाण को ६०हजार ७६८, निर्दलीय उम्मीदवार रविराज उर्फ अण्णासाहेब सावळे-पाटील को १९हजार ८३५, और दिलीप घुगे को ८हजार ४३९ वोट मिले। चूँकि किसी भी उम्मीदवार ने जीत के लिए आवश्यक मतों का कोटा पूरा नहीं किया था, इसलिए चुनाव नियमों के अनुसार सबसे कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों को चरणबद्ध तरीके से बाहर किया गया और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली उपलब्ध वरीयता के अनुसार मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनाई गई।

​३९ उम्मीदवारों के निष्कासन के बाद अंतिम परिणाम

​मत हस्तांतरण प्रक्रिया के तहत बाहर किए गए उम्मीदवारों के मतपत्रों पर उपलब्ध अगली वरीयता के अनुसार शेष उम्मीदवारों को वोट ट्रांसफर किए गए। दिलीप घुगे के मतपत्रों में से २हजार २८५ वोट डॉ. पाटील को और १हजार ८८१ वोट सतीश चव्हाण को ट्रांसफर हुए। इसके बाद ३९वें निष्कासन में रविराज सावळे-पाटील के मतपत्रों से ६हजार ४६९ वोट डॉ. पाटील को तथा ३हजार २४१ वोट सतीश चव्हाण को मिले।

​कुल ४१ उम्मीदवारों में से ३९ उम्मीदवारों के बाहर होने के बाद डॉ. प्रतापसिंह पाटील और सतीश चव्हाण – ये दो ही उम्मीदवार मैदान में बचे। इस चरण में भी किसी उम्मीदवार ने निर्धारित कोटा पूरा नहीं किया था। अंतिम मतगणना में डॉ. पाटील को ८५हजार ८७६ और सतीश चव्हाण को ६७हजार ७५२ वोट मिले। डॉ. पाटील ने १८हजार १२४ मतों की बढ़त हासिल की। इसके बाद रिटर्निंग ऑफिसर जी. श्रीकांत ने आधिकारिक परिणाम घोषित कर डॉ. पाटील को विजयी घोषित किया।

​अधिकारियों और कर्मचारियों का लगातार ४५ घंटे से अधिक समय तक कार्य

​मंगलवार, २७ अक्टूबर को सुबह ८ बजे शुरू हुई मतगणना गुरुवार, २९ अक्टूबर को तड़के अंतिम परिणाम घोषित होने तक लगातार ४५ घंटे से अधिक समय तक जारी रही। मतपत्रों की जांच, वर्गीकरण, पहली वरीयता के वोटों की गिनती, उम्मीदवारों के निष्कासन, अगली वरीयता के अनुसार मतों के हस्तांतरण, अंतिम आंकड़ों के मिलान और परिणाम निर्धारण की यह पूरी प्रक्रिया रिटर्निंग ऑफिसर तथा चुनाव प्रेक्षक की देखरेख में संपन्न हुई।

​रिटर्निंग ऑफिसर एवं संभागीय आयुक्त जी. श्रीकांत के मार्गदर्शन में मतगणना पर्यवेक्षकों, सहायकों, उप-विभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों, नायब तहसीलदारों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों ने आपसी तालमेल के साथ काम किया। मतगणना दल, मतपत्र वर्गीकरण के लिए नियुक्त दल और उनके सहयोगियों ने भी अपनी अहम जिम्मेदारी निभाई।

​मतगणना केंद्र और उसके आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए थे। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने मतगणना की पूरी अवधि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाली। इसके अलावा, मतगणना केंद्र पर सुविधाओं, सामग्री, स्वच्छता और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए नियुक्त अधिकारियों, कर्मचारियों, सेवकों और अनुबंधित मैनपॉवर का भी पूरा सहयोग मिला।

​मतगणना की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में विभिन्न प्रशासनिक तंत्रों ने पूरी जिम्मेदारी के साथ काम किया। रिटर्निंग ऑफिसर जी. श्रीकांत ने चुनाव प्रेक्षक, मतगणना प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस प्रशासन और सहायक यंत्रणाओं के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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