लोनी जुना तांडा में आग का तांडव: 12 एकड़ गन्ने की फसल जलकर खाक, लाखों का नुकसान
पंचनामे के बाद किसानों ने सरकार से की तत्काल मुआवजे की मांग

संवाददाता
पाथरी: तहसील के लोणी बुद्रुक अंतर्गत आने वाले लोणी जुना तांडा इलाके में भीषण आग लगने से लगभग 12 एकड़ गन्ने की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। इस भयावह अग्निकांड के चलते किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, लोणी जुना तांडा परिसर के गुट क्रमांक 292 स्थित खेतों में अचानक आग भड़क उठी। किसानों ने कड़ी मेहनत और भारी लागत से गन्ने की फसल तैयार की थी। फसल कटाई के करीब थी, तभी वह आग की भेंट चढ़ गई। जुताई, खाद, कीटनाशक और सिंचाई पर किए गए हजारों रुपये पानी में बह जाने से किसानों की कमर टूट गई है।
स्प्रिंकलर पाइप भी जलकर नष्ट
इस भीषण आग में उत्तम शिवाजी पवार के स्प्रिंकलर (तुषार सिंचाई) पाइप पूरी तरह जलकर खाक हो गए। गन्ने की फसल के साथ-साथ सिंचाई उपकरणों के नष्ट होने से किसानों पर आगामी सीजन के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
इस घटना में मुख्य रूप से किसान शिवाजी तुकाराम पवार, प्रकाश रामराव पवार, अशोक रामराव पवार और रामराव लालू पवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
राजस्व प्रशासन ने किया पंचनामा
घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित तलाठी शर्मा और मंडल अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पंचनामा किया। प्रशासन द्वारा नुकसान दर्ज किए जाने के बाद अब पीड़ित किसानों की उम्मीदें सरकारी मदद पर टिकी हैं।
प्रभावित किसानों का कहना है, “हमारे खेतों में खड़ी गन्ने की फसल जलकर पूरी तरह नष्ट हो गई है। खेती में लगी लागत डूब चुकी है और हम गंभीर आर्थिक संकट में हैं। शासन को तुरंत उचित मुआवजा देना चाहिए।”
प्रशासनिक पंचनामा तो हो चुका है, लेकिन वास्तविक मदद किसानों के हाथों में कब पहुंचेगी, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। 

