
विशेष संवाददाता
पाथरी
एक तरफ जहां पूरा महाराष्ट्र गंभीर सूखे के संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ पाथरी तहसील के किसानों को ‘सोसायटी चालू बकाए’ का हवाला देकर बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा फसल ऋण देने से वंचित रखा जा रहा है। इस मनमाने रवैये के खिलाफ आक्रोशित किसानों ने आज बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा पाथरी के प्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
परभणी जिले की पाथरी तहसील अंतर्गत कानसूर, अंधापूरी, डाकू पिंपरी, तारूगव्हाण, बाभळगाव, लोणी बुद्रुक, गुंज खुर्द, गोपेगाव और गोंडगाव के किसानों द्वारा सौंपे गए इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बैंक प्रबंधन किसानों को चालू सोसायटी बकायादार बताकर फसल ऋण वितरण से साफ इनकार कर रहा है। किसानों ने कहा कि वे शासन द्वारा घोषित योजनाओं, सीमित जल संसाधनों और सिंचाई के लिए बिजली पंपों पर निर्भर हैं, लेकिन ऋण न मिलने से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसानों की प्रमुख मांगें:
- बिना किसी पूर्व शर्त के सभी पात्र किसानों को तत्काल प्रभाव से फसल ऋण दिया जाए।
- ’सोसायटी चालू बकाया’ की बाध्यकारी शर्त को अविलंब रद्द कर ऋण वितरण शुरू किया जाए।
- नए फसल ऋण आवेदनों को तुरंत स्वीकृत कर प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को स्वीकार कर ऋण वितरण तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो 27 अक्टूबर से बैंक शाखा के समक्ष अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया जाएगा।
इस ज्ञापन की प्रतियां बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शाखा प्रबंधक के साथ-साथ उप-विभागीय अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय पाथरी, तहसील कार्यालय पाथरी तथा पाथरी पुलिस थाने के निरीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु सौंपी गई हैं। ज्ञापन पर संबंधित गांवों के बड़ी संख्या में किसानों के हस्ताक्षर मौजूद हैं।