परभणी : यहां के शारदा महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से “दीर्घकालिक विकास के लिए युवा : जल
संरक्षण प्रबंधन तथा बंजर भूमि विकास पर जोर” विषय पर विशेष शिविर का आयोजन मौजे मांडवा में किया गया। इस अवसर पर उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने की, जबकि उद्घाटक के रूप में माननीय चेयरमैन अशोक मामा घुले तथा प्रमुख अतिथि के रूप में प्रो. डॉ. नितीन बावळे, विष्णुपंत पारधे तथा ज्ञानेश्वरमाउली चव्हाण उपस्थित रहे।
इस मौके पर बोलते हुए प्राचार्य डॉ. बबन पवार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना से सेवा भावना गहरी जड़ें जमाती है तथा समृद्ध राष्ट्र के लिए सक्षम नेतृत्व तैयार होता है। ऐसे शिविरों से विद्यार्थियों में श्रम संस्कार के साथ-साथ ग्रामीण समस्याओं की गहरी पहचान होती है और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उनकी नेतृत्व क्षमता बढ़ती है—ऐसा विचार उन्होंने व्यक्त किया। वहीं प्रमुख अतिथि प्रो. डॉ. नितीन बावळे ने छत्रपति शिवराय के कृषि संबंधी दृष्टिकोण पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से शिवराय को आदर्श मानकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उद्घाटक अशोक मामा घुले ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्तित्व विकास को गति देती है और राष्ट्र का सशक्त युवा तैयार करती है। इसलिए विद्यार्थियों को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए—ऐसा मत उन्होंने रखा।
कार्यक्रम का संचालन मुस्कान खान तथा सानिका चव्हाण ने किया, प्रास्ताविक मतीन शेख ने तथा आभार प्रदर्शन तालेब सोमइ ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रो. डॉ. सचिन खडके, प्रो. डॉ. ज्ञानेश्वर चव्हाण, प्रो. डॉ. अविनाश पांचाळ, प्रो. डॉ. दत्ता चामले, प्रो. डॉ. सौ. उज्वला जगताप, प्रो. डॉ. स्वाती कुलकर्णी, सुरेश जयपूरकर, तुकाराम पवार तथा भगवान रिठाड ने भरपूर परिश्रम किया।

