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महाविद्यालय में डॉ. कलाम की जयंती पर ‘वाचन प्रेरणा दिवस’ का गरिमामय आयोजन

​ विशेष संवाददाता

  स्थानीय नुतन महाविद्यालय के ग्रंथालय विभाग द्वारा भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं भारतरत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के पावन अवसर पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ‘वाचन प्रेरणा दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। इस उपलक्ष्य में ग्रंथालय विभाग की ओर से विद्यार्थियों में पठन-पाठन की अभिरुचि के संवर्धन हेतु एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। साथ ही, डॉ. कलाम के आदर्श जीवन, युगांतरकारी कार्यों एवं प्रेरक विचारों को रेखांकित करने वाले चार भित्तिपत्रकों का विधिवत लोकार्पण भी संपन्न हुआ।

​आयोजन के अंतर्गत छात्राओं द्वारा ग्रंथों की सहायता से निर्मित भव्य ‘ग्रंथ-स्तंभ’ (पुस्तक मीनार) तथा सुरुचिपूर्ण ढंग से सज्जित ‘स्वाध्याय छायाचित्र केंद्र’ (रीडिंग सेल्फी पॉइंट) मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। छात्राओं ने इस अभिनव उपक्रम के माध्यम से ग्रंथों के अध्ययन का आनंद प्राप्त करते हुए इस क्षण को स्मरणीय बनाया, जिससे परिसर में अध्ययन-संस्कृति को उल्लेखनीय प्रोत्साहन मिला। प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामचंद्र भिसे के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ। इस अवसर पर संस्था के सचिव माननीय विजयराव जामकर ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं के इस रचनात्मक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा स्वयं ग्रंथ पठन करते हुए छायाचित्र खिंचवाकर वाचन परंपरा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।

​बौद्धिक संवर्धन की दिशा में ग्रंथालय विभाग द्वारा छात्राओं के लिए ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शैक्षणिक विचार एवं वर्तमान परिप्रेक्ष्य’ विषय पर एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छात्राओं ने डॉ. कलाम के वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं शैक्षिक दर्शन पर गंभीरता से विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर इतिहास विभाग के प्राध्यापक डॉ. महेश जाधव ने महात्मा ज्योतिराव फुले के समग्र वांग्मय के दो संपुट ग्रंथालय को अध्ययन एवं शोध कार्य हेतु सप्रेम भेंट किए। समारोह में कै. रावसाहेब जामकर कनिष्ठ महाविद्यालय के प्राचार्य श्री पुरी एवं उनके सहयोगियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। महाविद्यालय की प्राध्यापिका निर्मला जाधव, डॉ. प्रवीण नादरे, अश्विनी चांदमारे सहित ग्रंथालय कर्मियों एवं समर्पित छात्राओं के सक्रिय सहयोग से यह संपूर्ण आयोजन पठन संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में अत्यंत फलदायी सिद्ध हुआ।

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