बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती व वाचन प्रेरणा दिवस उत्साहपूर्वक संपन्न
परभणी:
स्थानीय बाल विद्यामंदिर हाईस्कूल, नानलपेठ में भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रख्यात वैज्ञानिक, ‘भारत रत्न’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती तथा ‘वाचन प्रेरणा दिवस’ अत्यंत उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
समारोह की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य अरुण बोराडे ने की। इस अवसर पर पर्यवेक्षक सीमा बोके, बलीराम कोपरटकर और काउंसलर प्रवीण सोनोने मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं मार्गदर्शक के रूप में सह-शिक्षक प्रसाद कदम मौजूद थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन तथा डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ।
मुख्य वक्ता प्रसाद कदम ने छात्रों का मार्गदर्शन करते हुए पठन-पाठन का महत्व रेखांकित किया। उन्होंने डॉ. कलाम के जीवन-वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि निरंतर और निष्ठावान प्रयासों से दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है।
काउंसलर प्रवीण सोनोने ने विद्यार्थियों को स्वाध्याय के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन से ज्ञान में वृद्धि होती है और भाषा, विचार व व्यक्तित्व का समग्र विकास होता है। उन्होंने पढ़ने की गति बढ़ाने के लिए एक नज़र में पाँच से छह शब्द समेटने की विशेष पठन-तकनीक साझा की।
अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य अरुण बोराडे ने सभी को वाचन प्रेरणा दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “मात्र पंख होना पर्याप्त नहीं है, उड़ान भरने के लिए मन में अटूट ज़िद और बाजुओं में ताकत होनी चाहिए। डॉ. कलाम ने अपनी बौद्धिक क्षमता और ज्ञान के दम पर भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया। हमें भी राष्ट्र निर्माण में निरंतर योगदान देना चाहिए।”
इस दौरान अतिथियों के हाथों विद्यार्थियों द्वारा तैयार डॉ. कलाम के चित्रों और उनके जीवन पर आधारित भित्तिपत्रकों (वॉल मैगज़ीन) का विमोचन किया गया। कई छात्रों ने डॉ. कलाम के जीवन-संघर्ष और पठन के महत्व पर प्रेरक भाषण भी दिए।
कार्यक्रम का आयोजन कक्षा 10वीं ‘ई’ द्वारा किया गया, जिसमें कक्षाध्यापक रामेश्वर चिंचणे का विशेष मार्गदर्शन रहा। मंच संचालन कु. सिद्धि बोचरे और कु. स्मृति आर्दड ने किया, जबकि वंशिका लड्डा ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।