मारपीट के मामले में आरोपी को 6 महीने का सश्रम कारावास और ₹5,000 जुर्माने की सजा
परभणी:
9 नवंबर 2019 को नानलपेठ पुलिस थाना क्षेत्र में घटित मारपीट के मामले में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। माननीय अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (ACJM) श्री ए. ए. कुलकर्णी ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
आरोपी सर्जेराव होनाजी धरणे (उम्र 48 वर्ष, निवासी अंबिका नगर, परभणी) ने फरियादी (शिकायतकर्ता) से “मेरा ऑटो अपने गेट के सामने क्यों नहीं लगाने देते?” इस बात को लेकर गाली-गलौज की थी। इसके बाद आरोपी ने ऑटो से लोहे की रॉड निकालकर फरियादी के सिर पर बाईं ओर वार कर गंभीर चोट पहुंचाई और जान से मारने की धमकी दी। फरियादी की शिकायत पर नानलपेठ पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 468/19 के तहत भादंवि (IPC) की धारा 324, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
इस मामले की तफ्तीश पुलिस हवलदार वी. बी. हांडे ने पूरी कर अदालत में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
अदालत का फैसला:
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी श्री ए. ए. कुलकर्णी की अदालत में चले इस मुकदमे में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक सरकारी अभियोजक श्री ए. ए. शिखरे ने दलीलें पेश कीं। अभियोजन ने कुल 5 गवाहों के बयान दर्ज कराए, जिनमें फरियादी, 2 प्रत्यक्षदर्शी (चश्मदीद) गवाह और चिकित्सा अधिकारी की गवाही अहम साबित हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी सर्जेराव होनाजी धरणे को भादंवि की धारा 324 के तहत दोषी पाते हुए 6 महीने के सश्रम कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मार्गदर्शन एवं सहयोग:
इस मामले में पुलिस अधीक्षक श्री पंकज कुमावत और अपर पुलिस अधीक्षक श्री तानाजी चिखले के मार्गदर्शन में कोर्ट पैरवी अधिकारी (उप-निरीक्षक) सुरेश चव्हाण, पुलिसकर्मी वंदना आदोडे और बी. बी. जवादे ने पैरवी व कानूनी प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग दिया।
