परभणी व जिंतूर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की बड़ी कार्रवाई- लगभग 18 लाख का खाद्य तेल और 63 लाख रुपये का फरसाण जब्त, लाइसेंस निलंबित
खाद्य के दर्जा को लेकर प्रशासन का बडा कदम

परभणी |
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA), महाराष्ट्र राज्य, मुंबई के आयुक्त तुकाराम मुंढे (भा.प्र.से.) के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘सुरक्षित अन्न-निरोगी महाराष्ट्र’ (Safe Food Safe Maharashtra) विशेष अभियान के तहत परभणी जिले में बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की गई है। आगामी त्योहारों के मद्देनजर मिलावटखोरी और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को रोकने के लिए परभणी कार्यालय की टीम ने 16 अक्टूबर 2026 को जिंतूर और परभणी में कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर छापे मारे।
इस कार्रवाई के दौरान जिंतूर की 3 खाद्य तेल री-पैकिंग इकाइयों से करीब 9420 किलोग्राम (मूल्य लगभग 17.75 लाख रुपये) संदिग्ध खाद्य तेल जब्त कर उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। वहीं, परभणी स्थित मेसर्स मोती नमकीन प्रा. लि. के परिसर की जांच कर 22.550 किलोग्राम (मूल्य लगभग 63.14 लाख रुपये) मिक्स सेव फरसाण का स्टॉक जब्त किया गया और प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
1. जिंतूर में तीन खाद्य तेल री-पैकिंग प्रतिष्ठानों पर शिकंजा
जिंतूर शहर में खाद्य तेल री-पैकिंग के तीन अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 26, 27 और 42 के उल्लंघन मामले में 17लाख 75हजार 065 रुपये का संदिग्ध खाद्य तेल जब्त किया गया:
- मेसर्स मयूर एजेंसीज (मकान नं. 7563, मोंढा रोड, जिंतूर): यहां से रिफाइंड सोयाबीन तेल (‘सोया गोल्ड ड्रॉप’, ‘हेल्थ लाइफ’ ब्रांड), रिफाइंड सनफ्लावर तेल (‘सनराइज’ ब्रांड) और रिफाइंड पामोलिन तेल का कुल 3960 किलोग्राम स्टॉक (मूल्य रु. 6 लाख26 हजार 920/-) जब्त किया गया।
- मेसर्स अथर्व एजेंसीज (प्लॉट नं. 23 औद्योगिक क्षेत्र, जिंतूर): यहां से किलोग्राम रिफाइंड सोयाबीन तेल (मूल्य रु. 6,70,160/-) जब्त किया गया।
- मेसर्स वरद ऑयल इंडस्ट्रीज (मकान नं. 3154 सर्वे नं. 237/1, येलदरी रोड, जिंतूर): यहां से रिफाइंड सोयाबीन तेल (‘केसर गोल्ड’, ‘हेल्थ फिट’ और ‘स्वाद’ ब्रांड) का कुल 1962 किलोग्राम स्टॉक (मूल्य रु. 477985/-) जब्त किया गया।
यह समूचा खाद्य तेल घटिया दर्जे का होने के संदेह पर जब्त किया गया है। जांच में इन प्रतिष्ठानों द्वारा ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंस व पंजीकरण) विनियम, 2011’ के परिशिष्ट-4 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। खाद्य तेल निर्माताओं के लिए अनिवार्य आंतरिक प्रयोगशाला (Internal Lab) की अनुपलब्धता सहित अन्य गंभीर कमियों के चलते तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तुरंत निलंबित कर दिए गए।
2. परभणी में मेसर्स मोती नमकीन प्रा. लि. पर कार्रवाई
16 अक्टूबर 2026 की शाम एम.आई.डी.सी. क्षेत्र, परभणी स्थित मेसर्स मोती नमकीन प्रा. लि. प्लॉट सं. 15 व 18 की सघन जांच की गई। निरीक्षण के दौरान हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, बेसन, तलने का तेल, पोहा, मक्का पोहा आदि कच्चे माल के नमूने लिए गए।
जांच में घटिया स्तर के और बार-बार इस्तेमाल किए गए जले हुए तेल से फरसाण बनाए जाने की प्रबल आशंका के चलते 22550 किलोग्राम मिक्स सेव फरसाण (अनुमानित मूल्य रु. 63लाख14 हजार /-) जब्त कर लिया गया। इसके अलावा इकाई में साफ-सफाई का अभाव, उत्पादन प्रक्रिया में गुणवत्ता नियंत्रण की कमी, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता व प्रशिक्षण का अभाव, अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और भंडारण के गलत तौर-तरीके पाए जाने पर कंपनी का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
प्रयोगशाला जांच के बाद दर्ज होंगे अदालती मुकदमे
छापेमारी के दौरान जब्त किए गए सभी खाद्य पदार्थों के अधिकृत नमूने जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (Food Testing Laboratory) भेज दिए गए हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत दोषी पाए जाने वाले संबंधित निर्माताओं और विक्रेताओं के विरुद्ध न्यायालय में औपचारिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे।
यह संपूर्ण कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वश्री ठोंबरे, मुळे (परभणी), धोपे (हिंगोली), ओसावार, श्रीमती तांबे, श्रीमती नगरारे (जालना), पवनकुमार खताळ (सहायक आयुक्त-खाद्य, हिंगोली) एवं अनंत चौधरी (सहायक आयुक्त-खाद्य, परभणी) के संयुक्त दल द्वारा श्रीकांत करकळे (संयुक्त आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्रपति संभाजीनगर संभाग) के मार्गदर्शन में की गई।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि “नागरिकों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने और खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।”
