देवनांद्रा की जगदंबा माता: पाथरी के निकट आस्था का प्रमुख केंद्र, नवरात्र और त्रिपुरारी पूर्णिमा पर उमड़ता है श्रद्धालुओं का जनसैलाब

नागेश जोशी पाथरी-
महाराष्ट्र के पाथरी शहर से महज दो किलोमीटर दूर और प्रसिद्ध रेणुका शुगर्स कारखाने से लगभग पांच मिनट की दूरी पर स्थित देवनांद्रा गांव की ग्रामदैवत श्री जगदंबा माता का मंदिर क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर यहां दर्शन के लिए पाथरी शहर समेत पूरे परिक्षेत्र से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, स्वयं देवी ने इस पावन धरा पर वास किया था, जिसके कारण इस गांव का नाम ‘देवनांद्रा’ पड़ा।
त्रिपुरारी पूर्णिमा पर भव्य मेले और कुश्ती दंगल का आयोजन
नवरात्र उत्सव के अंतिम दिन मंदिर में महाप्रसाद का वृहद आयोजन किया जाता है। इसके अलावा प्रतिवर्ष त्रिपुरारी पूर्णिमा के अवसर पर यहां एक विशाल मेले (यात्रा) का आयोजन होता है, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल होते हैं। इस मेले के मुख्य आकर्षणों में पारंपरिक कुश्ती प्रतियोगिताएं, मनोरंजक खेल और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
रेणुका शुगर्स और प्रशासनिक पूजा की परंपरा
देवनांद्रा गांव रेणुका शुगर्स कारखाने के परिक्षेत्र में स्थित है। कारखाने के बॉयलर प्रदीपन (शुरुआत) से पूर्व मां जगदंबा के समक्ष विधि-विधान से हवन-पूजन करने की परंपरा है। इसके साथ ही, वार्षिक मेले के दौरान पाथरी के तहसीलदार द्वारा देवी की शासकीय महापूजा संपन्न की जाती है।
मंदिर के नित्य पूजन और व्यवस्थाओं की देखरेख श्री संतराम टेकाळे, श्री दिगंबर थोरे तथा प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों द्वारा सुचारु रूप से की जा रही है। नवरात्र के पावन पर्व पर मंदिर परिसर मां के जयकारों और भक्तों की भारी उपस्थिति से भक्तिमय बना हुआ है।