परभणी:
“जीवन में अध्ययन और कठिन परिश्रम के बिना सफलता हासिल नहीं की जा सकती। इसलिए विद्यार्थी नियमित अध्ययन, लगन, दृढ़ संकल्प और निरंतर प्रयास के बल पर अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें।” यह विचार जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश भूषण एम. काळे ने व्यक्त किए।
जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा प्रमुख जिला एवं सत्र न्यायाधीश आर. एम. सादरानी के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर शासकीय बालक छात्रावास, परभणी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत कानूनी जागरूकता एवं मार्गदर्शन शिविर संपन्न हुआ। न्यायाधीश काळे इसी कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर शासकीय बालक छात्रावास के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
महाराष्ट्र राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो (POCSO) अधिनियम, महिला सुरक्षा से जुड़े कानून तथा विभिन्न आपराधिक विधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता और उसकी पात्रता शर्तों से भी विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।
न्यायाधीश भूषण काळे ने कानूनी शिक्षा तथा कानून के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वकालत, न्यायिक सेवा और कानूनी परामर्श जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अनेक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अभी से अपने अध्ययन पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित करें।
उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं, अनुसूचित जाति/जनजाति के नागरिकों तथा तीन लाख रुपये या उससे कम वार्षिक आय वाले पात्र व्यक्तियों को जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है। यदि नागरिकों को किसी भी प्रकार की विधिक समस्या हो, तो वे जिला कानुनी सेवा प्राधिकरण, परभणी से संपर्क कर सकते हैं अथवा टोल-फ्री नंबर 15100 पर विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त राजू एडके ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अंजनीकर, छात्रावास अधीक्षक गिराम, ठाकुर मैडम सहित संबंधित कर्मचारियों ने सक्रिय योगदान दिया।